हरियाणा के यमुनानगर जिले में प्रेम विवाह के बाद एक गर्भवती महिला को ससुराल से निकाल दिया गया। न्याय की मांग को लेकर वह पिछले कई दिनों से ससुराल के मुख्य द्वार पर धरने पर बैठी है।

यमुनानगर। जिस प्यार के लिए उसने अपने ही घरवालों की नाराजगी मोल ली, आज उसी रिश्ते के टूटने का दर्द उसे ससुराल के दरवाजे पर बैठने को मजबूर कर रहा है। आंखों में इंतजार, चेहरे पर मायूसी और गोद में आने वाले बच्चे की चिंता… एक युवती कई दिनों से सिर्फ एक सवाल का जवाब चाहती है— आखिर उसका कसूर क्या है?

घर के बाहर बैठी यह महिला खाना-पीना तक छोड़ चुकी है। वह बार-बार एक ही मांग कर रही है कि किसी तरह उसकी पति से बात करा दी जाए। लेकिन ससुराल पक्ष का दावा है कि उसके पति को पहले ही घर से बेदखल किया जा चुका है, इसलिए वे कुछ नहीं कर सकते।

दरअसल, बुबका निवासी इशिका ने 25 जुलाई 2025 को रादौर निवासी अमित बटला उर्फ मोनू के साथ प्रेम विवाह किया था। पीड़िता का आरोप है कि शादी के शुरुआती दिनों में सब कुछ ठीक रहा, लेकिन बाद में पति ने उससे बातचीत बंद कर दी। इशिका का कहना है कि जमीन की रजिस्ट्री कराने की बात कहकर उससे कुछ दस्तावेजों पर हस्ताक्षर करवाए गए, जो बाद में तलाक के कागजात निकले। इसके बाद उसे घर से बाहर निकाल दिया गया।

इशिका फिलहाल पांच माह की गर्भवती है और अपने ससुराल के बाहर धरने पर बैठी है। उसका कहना है कि उसने महिला सेल और पुलिस थाने में शिकायत भी दी, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। पीड़िता के मुताबिक, उसने परिवार की मर्जी के खिलाफ प्रेम विवाह किया था, इसलिए अब मायके लौटना भी संभव नहीं है। ससुराल से निकाले जाने के बाद वह पिछले तीन महीनों से यमुनानगर में रह रही है और न्याय मिलने तक धरना खत्म न करने की बात कह रही है।