Bastar News Update : जगदलपुर. राष्ट्रीय राजमार्ग-63 पर मंगलवार सुबह बड़ा सड़क हादसा टल गया, जब किरंदुल से ओडिशा लौट रही एक स्कॉर्पियो मारेंगा के पास अनियंत्रित होकर पलट गई. वाहन में एक ही परिवार के छह लोग सवार थे, जो शादी समारोह से लौट रहे थे. रात 2 बजे किरंदुल से निकला परिवार सफर के दौरान पहले ही मुश्किल में फंस चुका था, जब रास्ते में स्कॉर्पियो का टायर फट गया. अंधेरे में टायर बदलकर परिवार ने यात्रा दोबारा शुरू की, लेकिन सुबह होते-होते चालक को नींद की झपकी आ गई. इसी दौरान वाहन अनियंत्रित होकर सड़क किनारे पलट गया. हादसे में नरेंद्र, गजेंद्र, जोगेंद्र, नवीन और जिसुधन समेत छह लोग घायल हुए. तेज आवाज सुनकर आसपास के ग्रामीण और राहगीर मौके पर पहुंचे और तुरंत राहत कार्य शुरू किया. ग्रामीणों ने क्षतिग्रस्त वाहन में फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला. घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद सभी को छुट्टी दे दी गई. घटना ने एक बार फिर लंबी दूरी के सफर में थकान और नींद को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं. सुबह के वक्त हाईवे पर बढ़ते हादसों के बीच यह दुर्घटना राहत भरी साबित हुई, क्योंकि कोई जनहानि नहीं हुई. पुलिस मामले की जांच कर रही है.

बेमौसम बारिश से मक्का किसानों पर दोहरी मार, दाम गिरे और खरीफ की चिंता बढ़ी

बस्तर. बस्तर में लगातार बदल रहे मौसम ने मक्का उत्पादक किसानों की चिंता बढ़ा दी है. जहां कुछ समय पहले तक मक्का 2000 रुपये प्रति क्विंटल बिक रहा था, वहीं अब इसके दाम गिरकर 1750 से 1800 रुपये तक पहुंच गए हैं. इन्द्रावती और नारंगी नदी किनारे बड़े रकबे में किसानों ने रबी सीजन में भी मक्के की खेती की थी. शुरुआती बारिश फसल के लिए फायदेमंद रही, लेकिन अब लगातार हो रही बारिश नुकसान पहुंचा रही है. बारिश के कारण फसल की गुणवत्ता प्रभावित होने लगी है, जिससे बाजार भाव भी गिर रहा है. मई महीने से किसान खरीफ की तैयारी शुरू कर देते हैं, लेकिन इस बार खेत तैयार करने में दिक्कत बढ़ गई है. किसानों को पहले मक्का की तोड़ाई करनी है, फिर खेतों को खरीफ फसल के लिए तैयार करना होगा. यदि मौसम इसी तरह बना रहा तो खरीफ सीजन की बुवाई भी प्रभावित हो सकती है. घोटिया गांव के किसान रूपधर नाग और योगेश कुमार ने आर्थिक नुकसान की आशंका जताई है. किसानों का कहना है कि लगातार बारिश से फसल सूखाने और भंडारण में भी परेशानी हो रही है. मौसम की मार और गिरते बाजार भाव ने किसानों की लागत निकालना मुश्किल कर दिया है. अब किसानों की नजर आने वाले दिनों के मौसम और बाजार की स्थिति पर टिकी हुई है.

Bastar News Update : गर्मी में बिजली संकट से लोग बेहाल

जगदलपुर. तेज गर्मी के बीच शहर में बार-बार हो रहे विद्युत अवरोध ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है. तापमान 38 डिग्री के पार पहुंचने के साथ ही बिजली व्यवस्था लड़खड़ाने लगी है. जैसे ही लोड बढ़ता है, कई इलाकों में केबल जलने और ट्रांसफार्मरों से चिंगारियां निकलने की घटनाएं सामने आ रही हैं. उपभोक्ताओं का आरोप है कि वर्षों पहले लगाए गए घटिया केबल और ट्रांसफार्मर अब मुसीबत बन गए हैं. विद्युत कर्मचारियों को भी लगातार शिकायतों के चलते देर रात तक मरम्मत कार्य करना पड़ रहा है.अंबेडकर वार्ड में 63 एचपी ट्रांसफार्मर में बार-बार आग जैसी स्थिति बनने से लोग दहशत में हैं. रात में मरम्मत के बाद भी कुछ ही देर में ट्रांसफार्मर फिर चिंगारी छोड़ने लगा. स्थानीय लोगों ने यहां 100 एचपी का नया ट्रांसफार्मर लगाने की मांग की है. शहर में पेड़ों की छंटाई और लाइन सुधार के नाम पर भी लगातार बिजली कटौती हो रही है. गर्मी के मौसम में बिजली संकट ने घरों से लेकर कारोबार तक प्रभावित कर दिए हैं. लोगों का कहना है कि हर साल यही समस्या सामने आती है, लेकिन स्थायी समाधान नहीं हो पा रहा. अब नागरिकों ने बिजली विभाग से तत्काल व्यवस्था सुधारने की मांग की है.

कांगेर घाटी – मानसून से पहले बंद होगी कोटमसर गुफा, पर्यटकों के लिए अंतिम मौका

जहदलपुर. विश्व प्रसिद्ध कोटमसर गुफा के बंद होने की उल्टी गिनती शुरू हो गई है. कांगेरघाटी राष्ट्रीय उद्यान में स्थित इस गुफा को हर साल मानसून के दौरान सुरक्षा कारणों से बंद किया जाता है. आमतौर पर 15 जून से गुफा बंद कर दी जाती है, लेकिन इस बार मानसून जल्दी आने की संभावना जताई जा रही है. मौसम विभाग के अनुसार बस्तर में जून के पहले सप्ताह तक मानसून दस्तक दे सकता है. ऐसे में लगातार बारिश शुरू होने पर गुफा को तय समय से पहले भी बंद किया जा सकता है. कोटमसर, कैलाश और दंडक गुफा में से केवल कोटमसर गुफा ही आम पर्यटकों के लिए खुली रहती है. हर साल हजारों पर्यटक यहां की प्राकृतिक संरचना और रहस्यमयी सुंदरता देखने पहुंचते हैं. बरसात के मौसम में गुफा के भीतर पानी भर जाता है और जहरीले जीव-जंतुओं का खतरा बढ़ जाता है. इसी वजह से पर्यटकों की सुरक्षा को देखते हुए इसे चार महीने के लिए बंद रखा जाता है. गुफा को फिर से साफ-सफाई के बाद 1 नवंबर से पर्यटकों के लिए खोला जाएगा. फिलहाल प्री-मानसून बारिश के बीच पर्यटक बड़ी संख्या में यहां पहुंच रहे हैं. वन विभाग लगातार मौसम की स्थिति पर नजर बनाए हुए है.

Bastar News Update : केशकाल घाटी फोरलेन बायपास निर्माण में तेजी के निर्देश

केशकाल. रायपुर-जगदलपुर मार्ग के बहुप्रतीक्षित केशकाल घाटी फोरलेन बायपास को लेकर प्रशासनिक हलचल तेज हो गई है. लोक निर्माण विभाग के सचिव मुकेश कुमार बंसल ने निर्माण स्थल का निरीक्षण कर अधिकारियों को काम में तेजी लाने के निर्देश दिए. उन्होंने निर्माण एजेंसी और विभागीय अधिकारियों के साथ बायपास के दोनों छोरों का जायजा लिया. निरीक्षण के दौरान शेष पेड़ों की कटाई जल्द पूरी करने के निर्देश वन विभाग को दिए गए. साथ ही लंबित मुआवजा प्रकरणों का शीघ्र निराकरण करने पर भी जोर दिया गया. अधिकारियों ने बताया कि यह परियोजना बस्तर और छत्तीसगढ़ की यातायात व्यवस्था के लिए बेहद महत्वपूर्ण है. करीब 308 करोड़ रुपये की लागत से 11.38 किलोमीटर लंबा बायपास तैयार किया जा रहा है. परियोजना में दो बड़े और दो मध्यम पुलों का निर्माण भी शामिल है.घाटी क्षेत्र में लगातार लगने वाले जाम और दुर्घटनाओं को कम करने में यह बायपास अहम माना जा रहा है. सरकार ने इसे प्राथमिकता वाली परियोजना बताते हुए जल्द निर्माण पूरा करने के संकेत दिए हैं. निरीक्षण के दौरान प्रमुख अभियंता वी.के. भतपहरी समेत कई अधिकारी मौजूद रहे. अब स्थानीय लोगों को उम्मीद है कि वर्षों से लंबित यह परियोजना जल्द धरातल पर दिखाई देगी.

बस्तर की कला राष्ट्रीय मंच तक पहुंची, अमित शाह और योगी को भेंट हुई विशेष शिल्पकृतियां

कोंडागांव. बस्तर की पारंपरिक कला को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाने की पहल कोंडागांव में देखने को मिली. गृहमंत्री अमित शाह को भगवान गणेश की विशेष शिल्पकृति भेंट कर स्थानीय कला का सम्मान किया गया. वहीं उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को मां दंतेश्वरी का चित्र स्मृति चिन्ह के रूप में प्रदान किया गया. यह शिल्पकृति स्थानीय मूर्तिकारों की मेहनत और बस्तर की सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक मानी जा रही है. बताया गया कि कलाकार सुशील सखूजा ने इस कृति को तैयार करवाया, जबकि इसे मूर्त रूप देने में मदन का योगदान रहा. विशेषज्ञों का कहना है कि यह केवल कलाकृति नहीं, बल्कि बस्तर की लोक परंपराओं का प्रतिनिधित्व है. राष्ट्रीय नेतृत्व तक बस्तर की कला पहुंचने से स्थानीय कलाकारों में उत्साह देखा जा रहा है. ऐसी पहल से हस्तशिल्प और पारंपरिक कला को नया बाजार मिलने की उम्मीद भी बढ़ी है. कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा, किरण सिंह देव और कई जनप्रतिनिधि मौजूद रहे. बस्तर की कला लंबे समय से अपनी अलग पहचान रखती है. अब इसे राष्ट्रीय मंच मिलने से स्थानीय शिल्पकारों को प्रोत्साहन और रोजगार की संभावनाएं बढ़ने लगी हैं. सांस्कृतिक पहचान को मजबूत करने वाली इस पहल की क्षेत्र में सराहना हो रही है.  

तीन महीने से वेतन नहीं, जल संसाधन विभाग के कर्मचारी आर्थिक संकट में

जगदलपुर. जल संसाधन विभाग के 26 कर्मचारियों को पिछले तीन महीने से वेतन नहीं मिलने से आर्थिक संकट गहरा गया है. स्थिति ऐसी है कि कर्मचारियों के सामने घर खर्च, इलाज और बैंक लोन की किश्तें चुकाने तक की परेशानी खड़ी हो गई है. मामले की शिकायत कलेक्टर नम्रता जैन तक पहुंची, जिसके बाद अधिकारियों को फटकार भी लगाई गई. कलेक्ट्रेट स्तर से जांच के लिए कर्मचारियों को विभाग भेजा गया, लेकिन अब तक वेतन जारी नहीं हो सका. कर्मचारी संगठनों का आरोप है कि विभागीय स्तर पर लापरवाही और समन्वय की कमी बनी हुई है. जानकारी के मुताबिक पद निरंतरता आदेश समय पर जारी नहीं होने से भुगतान अटक गया है. हर साल मार्च तक पूरी होने वाली प्रक्रिया इस बार लंबित रह गई. कर्मचारियों का कहना है कि संवेदनशील बस्तर क्षेत्र में पहले सुरक्षा चुनौतियों के बीच काम किया, अब आर्थिक संकट झेलना पड़ रहा है. कई कर्मचारी बैंक डिफॉल्टर बनने की कगार पर पहुंच गए हैं. गंभीर बीमारियों से जूझ रहे कर्मचारियों के लिए दवा और इलाज का संकट भी खड़ा हो गया है. विभाग में 75 स्वीकृत पदों के मुकाबले सिर्फ 26 कर्मचारी काम संभाल रहे हैं. अब सवाल उठ रहा है कि विकास योजनाओं को जमीन तक पहुंचाने वाले कर्मचारियों की जिम्मेदारी आखिर कौन लेगा.

Bastar News Update : दिल्ली-यूपी से साइबर ठगी के 7 गिरफ्तार

कोंडागांव. फरसगांव पुलिस ने अंतरराज्यीय साइबर ठगी गिरोह का पर्दाफाश करते हुए सात आरोपियों को गिरफ्तार किया है. आरोपियों ने बीमा पॉलिसी बंद होने और रकम वापस दिलाने का झांसा देकर 17 लाख 24 हजार रुपये की ठगी की थी. तकनीकी जांच और डिजिटल ट्रांजेक्शन के विश्लेषण के बाद पुलिस टीम दिल्ली, गाजियाबाद और उत्तरप्रदेश पहुंची. गिरोह खुद को बीमा कंपनी और बीमा लोकपाल का अधिकारी बताकर लोगों से संपर्क करता था. फर्जी मोबाइल नंबरों और बैंक खातों के जरिए लोगों से रकम ट्रांसफर करवाई जाती थी. जांच में सामने आया कि आरोपी एजेंटों के माध्यम से बैंक खातों के मोबाइल नंबर और आधार डिटेल बदलवाते थे. ठगी की रकम इन्हीं खातों में जमा कर बाद में अलग-अलग माध्यमों से निकाली जाती थी. पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से फर्जी सिम, मोबाइल फोन और डिजिटल उपकरण जब्त किए हैं. बताया गया कि गिरोह पिछले छह से सात वर्षों से कई राज्यों में सक्रिय था. एसपी पंकज चंद्रा के निर्देशन में गठित विशेष टीम ने कार्रवाई को अंजाम दिया. पुलिस अब गिरोह से जुड़े अन्य नेटवर्क और खातों की जानकारी जुटा रही है. साइबर अपराध के बढ़ते मामलों के बीच यह कार्रवाई बड़ी सफलता मानी जा रही है.

ऑनलाइन दवा कारोबार के खिलाफ आज बंद रहेंगी मेडिकल दुकानें

नारायणपुर. देशभर में ऑनलाइन दवा कारोबार के विरोध में 20 मई को दवा व्यापारी 24 घंटे की हड़ताल पर रहेंगे. नारायणपुर जिले में भी 50 से अधिक मेडिकल संचालकों ने प्रशासन को इसकी सूचना दी है. व्यापारियों का कहना है कि कई ई-फार्मेसी कंपनियां बिना वैध डॉक्टर पर्ची के दवाइयां बेच रही हैं. आरोप है कि नशे में इस्तेमाल होने वाली दवाइयां भी ऑनलाइन घर-घर पहुंचाई जा रही हैं. दवा विक्रेताओं का दावा है कि इससे युवाओं और आम लोगों की सेहत पर गंभीर खतरा बढ़ रहा है. जिले में एक दिन की हड़ताल से 15 से 20 लाख रुपये तक के कारोबार प्रभावित होने का अनुमान है. हालांकि जनऔषधि केंद्र, धन्वंतरी मेडिकल स्टोर्स और सरकारी अस्पतालों में दवा सेवाएं जारी रहेंगी. प्रशासन ने इमरजेंसी सेवाओं के लिए वैकल्पिक व्यवस्था बनाए रखने की बात कही है. व्यापारियों का कहना है कि उनका विरोध तकनीक के खिलाफ नहीं, बल्कि नियमों की अनदेखी के खिलाफ है. उन्होंने सरकार से ई-फार्मेसी के लिए सख्त निगरानी व्यवस्था लागू करने की मांग की है. देशभर में करीब 12 लाख 50 हजार केमिस्ट परिवार इस व्यवसाय से जुड़े बताए जा रहे हैं. हड़ताल के बीच मरीजों को जरूरी दवाएं उपलब्ध कराने पर प्रशासन की नजर बनी हुई है.

अमित शाह को ज्ञापन देने निकले कांग्रेसियों को पुलिस ने रोका

जगदलपुर. बस्तर प्रवास पर आए केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह को ज्ञापन सौंपने निकले कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं को पुलिस ने मिताली चौक के पास रोक लिया. प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज के नेतृत्व में कार्यकर्ता राजीव भवन से रैली के रूप में निकले थे. पुलिस रोकने के बाद कांग्रेस नेताओं ने तहसीलदार को ज्ञापन सौंपकर प्रदर्शन समाप्त किया. ज्ञापन में बस्तर के विकास, आदिवासी अधिकार और जल-जंगल-जमीन से जुड़े मुद्दे उठाए गए हैं. कांग्रेस ने नगरनार स्टील प्लांट को लेकर सरकार से स्पष्ट गारंटी की मांग की. साथ ही एनएमडीसी मुख्यालय को जगदलपुर लाने और बंद किए गए स्कूलों को लेकर सवाल उठाए गए. ज्ञापन में नंदराज पहाड़ की लीज रद्द करने और आदिवासियों पर दर्ज मामलों को वापस लेने की भी मांग की गई. कांग्रेस ने आरोप लगाया कि बस्तर की खनिज संपदा और संसाधनों को बड़े उद्योगपतियों के हवाले किया जा रहा है. पार्टी नेताओं ने कहा कि यह केवल राजनीतिक मुद्दा नहीं, बल्कि बस्तर के भविष्य और अस्तित्व का सवाल है. प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे. पुलिस और प्रशासन की निगरानी में पूरा घटनाक्रम शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुआ. अब कांग्रेस ने इन मुद्दों पर सरकार से सार्वजनिक जवाब की मांग तेज कर दी है.

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