भाजपा नेता ज़ाकिर हुसैन ने उनके खिलाफ हो रहे दुष्प्रचार को बेबुनियाद बताते हुए कहा है कि 30 अप्रैल का समय तय होने के बाद भी किसान प्रतिनिधि उनसे मिलने नहीं आए।

सोनू वर्मा, नूंह। भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं पूर्व विधायक चौधरी ज़ाकिर हुसैन और 9 गांवों के किसानों के बीच मुलाकात को लेकर विवाद गरमा गया है। ज़ाकिर हुसैन ने स्पष्ट किया है कि 29 अप्रैल को उनके निवास पर किसानों के आने की उन्हें पूर्व में कोई जानकारी नहीं थी और न ही उनसे कोई समय मांगा गया था। उन्होंने बताया कि वह अपने पूर्व निर्धारित सामाजिक कार्यक्रमों के चलते फरीदाबाद और दिल्ली में थे। जैसे ही उन्हें कार्यालय से किसानों के आने की सूचना मिली, उन्होंने किसान नेता सरदार दलजीत सिंह डागर से फोन पर बात कर 30 अप्रैल की सुबह 10 बजे का समय तय किया, लेकिन अगले दिन दोपहर 1 बजे तक कोई भी किसान उनसे मिलने नहीं पहुंचा।

षड्यंत्र और भ्रामक प्रचार का आरोप

चौधरी ज़ाकिर हुसैन ने इसे अपनी छवि धूमिल करने की एक सोची-समझी साजिश करार दिया है। उन्होंने कहा कि कुछ लोग जानबूझकर उनके खिलाफ झूठा प्रचार कर रहे हैं। ज़ाकिर हुसैन के मुताबिक, 29 अप्रैल को जब किसान उनके निवास पहुंचे, तो उनके स्टाफ ने पूरी शालीनता से उनका स्वागत किया और खान-पान का प्रबंध भी किया। यहाँ तक कि एसएचओ सिटी ने भी मौके पर मौजूद रहकर समन्वय बनाने का प्रयास किया था। भाजपा नेता ने जोर देकर कहा कि जिस समय किसानों की जमीनें कौड़ियों के भाव अधिग्रहित की गई थीं, उस समय न तो वह विधायक थे और न ही उनकी सरकार थी। उन्होंने किसानों से किसी भी तरह के धोखे या हलफनामे लेने की बात को सिरे से खारिज कर दिया।

किसानों के प्रति प्रतिबद्धता और भविष्य का रुख

अपने राजनीतिक और पारिवारिक मूल्यों का हवाला देते हुए ज़ाकिर हुसैन ने कहा कि उन्होंने हमेशा मेवात की 36 बिरादरी और किसानों के हक की लड़ाई लड़ी है। उन्होंने याद दिलाया कि वह पहले व्यक्ति थे जिन्होंने किसानों के धरने पर जाकर ईद की नमाज पढ़ी थी और अगस्त 2024 में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी से किसानों की मुलाकात कराकर उनकी समस्याओं का समाधान निकालने की पहल की थी। ज़ाकिर हुसैन ने स्पष्ट किया कि उनके दरवाजे किसानों के लिए हमेशा खुले हैं, लेकिन राजनीति से प्रेरित होकर भ्रामक प्रचार करना गलत है। फिलहाल, भाजपा नेता ने पूरे दिन किसानों का इंतजार किया, लेकिन प्रतिनिधियों के न आने से मामला अभी अनसुलझा बना हुआ है।