बलांगीर: ओडिशा के बलांगीर जिले के कांटाबांजी शहर में मंगलवार को विकास से जुड़ी 15 सूत्रीय मांगों को लेकर बुलाए गए 12 घंटे के बंद के कारण सामान्य जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया. यह बंद कांटाबांजी ट्रक ओनर्स एसोसिएशन द्वारा इलाके के समग्र बुनियादी ढांचे के विकास और औद्योगिकीकरण की मांग को लेकर बुलाया गया था. सुबह 6 बजे से शुरू हुआ यह बंद शाम 6 बजे तक जारी रहने की घोषणा की गई थी, जिसका व्यापक असर शहर में देखने को मिला.

आंदोलनकारी मुख्य रूप से कांटाबांजी क्षेत्र में उच्च शिक्षा और रोजगार के अवसरों को बढ़ावा देने के लिए एक इंजीनियरिंग कॉलेज, एक कृषि (एग्रीकल्चर) कॉलेज और एक नर्सिंग कॉलेज की स्थापना की मांग कर रहे हैं. इसके साथ ही इलाके में नए उद्योगों की स्थापना और सड़कों व अन्य नागरिक सुविधाओं के कायाकल्प की मांग भी पुरजोर तरीके से उठाई गई. इस आंदोलन की गंभीरता को देखते हुए क्षेत्र के कई अन्य स्थानीय संगठनों और व्यापारिक संघों ने भी ट्रक ओनर्स एसोसिएशन को अपना खुला समर्थन दिया और विरोध प्रदर्शन में शामिल हुए.
बंद के कारण कांटाबांजी शहर के मुख्य बाजार, दुकानें, व्यापारिक प्रतिष्ठान और शैक्षणिक संस्थान पूरी तरह बंद रहे. सुबह से ही प्रदर्शनकारी इंदिरा छक और शहर के अन्य प्रमुख चौराहों पर इकट्ठा हो गए और टायर जलाकर सड़क जाम कर दी. मुख्य मार्गों पर नाकेबंदी के कारण वाहनों के पहिये थम गए, जिससे लंबी दूरी के यात्रियों और दैनिक कामगारों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ा. बसों और व्यावसायिक वाहनों की आवाजाही पूरी तरह ठप रही.
हालांकि, बंद के दौरान मानवीय पहलुओं और आपातकालीन स्थितियों का ध्यान रखा गया. प्रदर्शनकारियों ने एम्बुलेंस, अग्निशमन सेवा (फायर ब्रिगेड), विवाह वाहनों और बिजली विभाग जैसे आवश्यक और आपातकालीन वाहनों को जाम से मुक्त रखा और उन्हें सुचारू रूप से गुजरने दिया.
वहीं, बंद के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने और किसी भी संभावित अप्रिय घटना को रोकने के लिए स्थानीय प्रशासन बेहद सतर्क नजर आया. मुख्य विरोध स्थलों और संवेदनशील चौराहों पर पर्याप्त संख्या में पुलिस कर्मियों को तैनात किया गया था. पुलिस अधिकारियों के अनुसार, पूरे बंद के दौरान स्थिति शांतिपूर्ण रही और प्रदर्शनकारियों ने लोकतांत्रिक तरीके से अपनी मांगों को सरकार के समक्ष रखा.

