कुंदन कुमार/पटना। आज 12वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर पूरा बिहार योगमय हो गया। राज्य भर में सामूहिक योगाभ्यास के कार्यक्रमों का भव्य आयोजन किया गया, जिसका मुख्य केंद्र राजधानी पटना स्थित पाटलिपुत्र स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स रहा। इस गरिमामयी अवसर पर राज्य के वरिष्ठ राजनेताओं और अधिकारियों ने एक साथ योगासनों का अभ्यास किया, जो एक स्वस्थ जीवनशैली के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को स्पष्ट रूप से दर्शाता है।
स्वस्थ आयु के लिए योग का संदेश
राज्य आयुष समिति द्वारा आयोजित इस वर्ष के योग दिवस की थीम ‘Yoga for Healthy Ageing’ (स्वस्थ आयु के लिए योग) रखी गई थी। इस विषय का मुख्य उद्देश्य समाज में यह संदेश प्रसारित करना है कि बढ़ती उम्र के साथ शारीरिक, मानसिक और भावनात्मक स्वास्थ्य को अक्षुण्ण रखने में योग एक अचूक औषधि के समान है। कार्यक्रम में उपस्थित सभी गणमान्य अतिथियों ने इस प्राचीन पद्धति को जीवन का अभिन्न अंग बनाने का संकल्प लिया।
दिग्गजों की उपस्थिति और स्वास्थ्य मंत्री का आग्रह
पाटलिपुत्र स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में आयोजित मुख्य कार्यक्रम में बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और विजय कुमार चौधरी ने विशेष रूप से भाग लिया। कार्यक्रम की अध्यक्षता राज्य के स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार ने की। इस दौरान केंद्रीय मंत्री ललन सिंह और राम नाथ ठाकुर, सांसद रविशंकर प्रसाद तथा विधायक संजय गुप्ता की सक्रिय सहभागिता रही।
योग करने के बाद स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार ने योग को जीवन का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बताते हुए एक बड़ी मांग रखी। उन्होंने कहा हम राज्य और केंद्र सरकार से आग्रह करेंगे कि विद्यालयों में योग को एक विषय के रूप में अनिवार्य किया जाए। इसकी व्यवस्थित कक्षाएं बहुत जरूरी हैं। यदि छात्र स्वस्थ रहेंगे, तो उनका मन पढ़ाई में और अधिक लगेगा।
राज्य भर में कार्यक्रमों की धूम
राजधानी के अलावा, राज्य आयुष समिति के मार्गदर्शन में लोक भवन, उच्च न्यायालय परिसर सहित प्रदेश के सभी जिला मुख्यालयों और आयुष स्वास्थ्य संस्थानों में सामूहिक योगाभ्यास का आयोजन किया गया। इसी क्रम में बिहार विधानसभा परिषद स्थित औषधीय वाटिका में ब्रह्मकुमारीज संस्थान द्वारा एक विशेष ध्यान सत्र हुआ, जिसमें विधानसभा अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार ने भाग लिया।
योग के इस महापर्व ने बिहार के नागरिकों को एक बार फिर अपनी प्राचीन विरासत को अपनाकर निरोगी काया की ओर कदम बढ़ाने के लिए प्रेरित किया है। जनप्रतिनिधियों की सामूहिक उपस्थिति ने आम जनता के बीच योग के महत्व को और अधिक प्रभावी ढंग से स्थापित करने का कार्य किया है। स्पष्ट है कि योग अब केवल एक अभ्यास नहीं, बल्कि बिहार की नई स्वस्थ जीवनशैली का आधार बन रहा है।

