अमेरिका और ईरान के बीच सीजफायर अब पूरी तरह टूट चुका है. दोनों ने अपने स्तर से सैन्य कार्रवाई भी तेज कर दी है. स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में जहाजों पर हमलों के बाद अमेरिका ने ईरान में 90 से ज्यादा सैन्य ठिकानों पर प्रिसीजन स्ट्राइक की. अमेरिका ने ईरान पर लगातार दूसरे दिन बड़े पैमाने पर एयरस्ट्राइक की. अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने करीब 90 सैन्य ठिकानों को निशाना बनाने का दावा किया.
राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने साफ कहा कि ‘सीजफायर ओवर’ है. इस बीच ट्रंप ने यह दावा भी किया कि वह ईरान का नंबर वन टारगेट हैं.
अमेरिकी सेना ने मंगलवार देर रात ईरान के 80 से ज्यादा सैन्य ठिकानों पर एयरस्ट्राइक की. NATO समिट के दौरान भी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने घोषणा कर दी है कि ईरान के साथ हुआ सीजफायर समझौता (MoU) अब खत्म हो चुका है और अब वह ईरान से कोई डील नहीं करना चाहते.
राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने साफ चेतावनी दी कि अगर ईरान ने अंतरराष्ट्रीय शिपिंग को निशाना बनाना जारी रखा तो अमेरिकी जवाब पहले से कहीं ज्यादा सख्त होगा. राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने साफ कहा है कि ये कार्रवाई जहाजों पर हुए हमलों का बदला है.
दूसरी तरफ ईरान के स्वास्थ्य मंत्रालय के प्रवक्ता हुसैन केरमनपोर ने बताया कि अमेरिकी हमलों में घायल हुए 78 लोगों में से 47 अब भी अस्पताल में भर्ती हैं. मंत्रालय के मुताबिक, इन हमलों में 14 लोगों की मौत हुई है, जबकि 78 लोग घायल हुए हैं.
अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने भी पुष्टि की कि उसने अतिरिक्त स्ट्राइक शुरू कर दी हैं. इनका मकसद स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में नौवहन की आजादी को खतरा पहुंचाने की ईरान की क्षमता को और कमजोर करना है.
इसी बीच ईरान के पूर्व सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई को उनके गृह नगर मशहद में सुपुर्द-ए-खाक किया जा रहा है. इस बीच IRGC ने दावा किया कि उसने कतर, कुवैत और बहरीन में अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाया है.
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