Odisha Desk, भुवनेश्वर: ओडिशा में भारी बारिश के बाद उपजी बाढ़ की स्थिति में पूरी तरह सुधार होने में अभी तीन से चार दिनों का समय और लग सकता है। जल संसाधन विभाग के इंजीनियर-इन-चीफ (EIC) दिलीप राउत ने मंगलवार को राज्य की प्रमुख नदियों के जलस्तर और बाढ़ की वर्तमान स्थिति की समीक्षा के बाद यह जानकारी दी।
मीडिया को संबोधित करते हुए ईआईसी दिलीप राउत ने बताया कि वैतरणी नदी के जलस्तर में धीरे-धीरे गिरावट दर्ज की जा रही है, जो एक राहत की बात है। हालांकि, ब्राह्मणी नदी की स्थिति अभी भी चिंताजनक बनी हुई है। ब्राह्मणी नदी के ऊपरी जलग्रहण क्षेत्रों (कैचमेंट एरिया) में लगातार हो रही बारिश के कारण निचले इलाकों में पानी घटने की गति काफी धीमी हो गई है।
अन्य नदियों की स्थिति पर अपडेट देते हुए उन्होंने बताया कि इन नदियों में बाढ़ का स्तर फिलहाल स्थिर बना हुआ है। सुवर्णरेखा नदी को लेकर ईआईसी ने कहा कि बुधवार शाम तक कुछ तटीय और निचले इलाकों में बाढ़ का पानी पहुंच सकता है। गालूडीह बैराज से लगभग 5,500 क्यूसेक पानी छोड़े जाने की उम्मीद है, जिससे निचले इलाकों में जलभराव हो सकता है।
कम दबाव के प्रभाव से ऊपरी इलाकों में बारिश का सिलसिला जारी है, जिसके कारण निचले क्षेत्रों में पानी उस अनुपात में नहीं घट रहा है जिसकी उम्मीद की जा रही थी। इस स्थिति को देखते हुए जल संसाधन विभाग ने ब्राह्मणी और वैतरणी नदियों पर विशेष ध्यान केंद्रित किया है।
ईआईसी दिलीप राउत ने कहा, “ब्राह्मणी नदी के ऊपरी इलाकों से आ रहे पानी को रेंगाली बांध के माध्यम से नियंत्रित किया जा रहा है। हम स्थिति पर पल-पल नजर बनाए हुए हैं। यदि आने वाले दिनों में और बारिश नहीं होती है, तो बाढ़ का पानी धीरे-धीरे कम हो जाएगा।”
जल संसाधन विभाग की टीम सभी प्रमुख नदियों और तटबंधों की 24 घंटे निगरानी कर रही है ताकि किसी भी संभावित खतरे से समय रहते निपटा जा सके।
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