अभय मिश्रा, मऊगंज। रफ्तार जब जुनून बन जाए, तो वह अक्सर मौत का पैगाम लेकर आती है। मऊगंज जिले के नेशनल हाईवे 135 पर आज एक ऐसी ही रूह कँपा देने वाली घटना सामने आई है, जहाँ चंद मिनटों के स्टंट और रेसिंग के शौक ने एक ही परिवार के तीन चिरागों को हमेशा के लिए बुझा दिया। दो बाइकों पर सवार पाँच युवक मौत से रेस लगा रहे थे, लेकिन उन्हें क्या पता था कि आगे खड़ा एक ट्रेलर उनकी जिंदगी का आखिरी पड़ाव साबित होगा।
ये तस्वीरें गवाह हैं उस भयानक मंजर की, जिसने आज मऊगंज को झकझोर कर रख दिया है। सड़कों पर तेज रफ्तार बाइक दौड़ना और खतरनाक स्टंट करना आजकल के युवाओं के लिए एक स्टेटस सिंबल बन गया है, लेकिन यही शौक आज तीन परिवारों के लिए उम्र भर का मातम दे गया।मामला मऊगंज के पथरिहा मोड़ का है। चश्मदीदों की मानें तो दो रेसिंग बाइकों पर सवार पांच युवक आपस में रेसिंग कर रहे थे। हवा से बातें करती उनकी गाड़ियां और मौत को चुनौती देते उनके स्टंट… सब कुछ पलक झपकते ही खत्म हो गया। आगे खड़े ईंट से लदे एक ट्रेलर से युवकों की बाइक सीधे जा टकराई।
टक्कर इतनी भीषण थी कि 17 साल के उपलक्ष कोल, 17 साल के ही अमरीश कोल और 21 साल के हेमराज कोल की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। ये तीनों भाई और एक ही परिवार के सदस्य बताए जा रहे हैं। वहीं, दूसरी बाइक पर सवार प्रशांत द्विवेदी और प्रदीप द्विवेदी सगे भाई है जो गंभीर रूप से घायल हैं, और इस समय रीवा के संजय गांधी अस्पताल में उपचार चल रहा हैं।
सवाल यह है कि आखिर इन मौतों का जिम्मेदार कौन है?घटनास्थल से महज 5 किलोमीटर की दूरी पर मौजूद पुलिस एक घंटे देरी से क्यों पहुंची ?आखिर पुलिस से नाराज स्थानीय लोगों के द्वारा घंटों सड़क जाम क्यों करना पड़ा ?आखिर क्या वजह है कि मऊगंज पुलिस बार बार फेल हो रही है और जनता का आक्रोश झेल रही है ?क्या मऊगंज प्रशासन, हाईवे पर इन रफ़्तार के सौदागरों को रोकने में नाकाम है? या वो अभिभावक, जो अपने बच्चों के हाथों में बिना सोचे-समझे रफ़्तार की चाबी सौंप देते हैं?आज बेला गांव के उस घर में चूल्हा नहीं जलेगा, जहाँ से तीन अर्थियां एक साथ निकलेंगी। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है, जांच भी होगी, लेकिन वो तीन जिंदगियां कभी लौटकर नहीं आएंगी। याद रखिए, सड़क स्टंट दिखाने के लिए नहीं, मंजिल तक पहुँचने के लिए होती है। आपकी एक सेकंड की लापरवाही आपके परिवार को उम्र भर के आंसू दे सकती है।
ट्रेलर और दोनों बाइकों को पुलिस ने कब्जे में लेकर मऊगंज थाने में खड़ा कर दिया है। मृतकों का पोस्टमार्टम कर शव परिजनों को सौंप दिए गए हैं। पूरे क्षेत्र में इस घटना के बाद से सन्नाटा पसरा हुआ है।

