अनमोल मिश्रा, सतना। एमपी के सतना के सरदार वल्लभ भाई पटेल जिला अस्पताल में फिल्म 3 इडियट्स के सीन जैसा एक दृश्य देखने को मिला। जहां शनिवार को एक शख्स को स्ट्रेचर नहीं मिला तो वह अपने परिजन को ले जाने के लिए फर्स्ट फ्लोर पर बाइक से पहुंच गया। युवक बाइक चलाते हुए आइसोलेशन वार्ड तक आ गया।
यह दृश्य देखकर अस्पताल कर्मी और वहां मौजूद लोग हैरान रह गए। प्रारंभिक तौर पर इसे सुरक्षा व्यवस्था में बड़ी चूक माना गया, लेकिन जांच में सामने आए तथ्यों ने पूरे घटनाक्रम की अलग तस्वीर पेश कर दी। जिसने जिला अस्पताल की व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
स्ट्रेचर नहीं मिली तो बाइक से फर्स्ट फ्लोर पहुंचा युवक
जानकारी के अनुसार युवक सीताराम सोनी अपने परिजन अंजनी सोनी (46 वर्ष) को लेने अस्पताल पहुंचा था। अंजनी सोनी आइसोलेशन वार्ड क्रमांक-10 में भर्ती थे और डॉक्टरों ने बेहतर उपचार के लिए उन्हें रीवा रेफर किया था। मरीज को वार्ड से नीचे लाने के लिए उन्हें समय पर स्ट्रेचर उपलब्ध नहीं कराया गया। काफी प्रयास के बाद भी जब कोई व्यवस्था नहीं हुई तो युवक मजबूरी में बाइक लेकर अस्पताल के भीतर फर्स्ट फ्लोर तक पहुंच गया।
मरीज ने बाइक पर बैठने से मना किया तो लौटा युवक
बताया जाता है कि युवक मरीज को बाइक पर बैठाकर ले जाना चाहता था, लेकिन मरीज की हालत को देखते हुए ऐसा संभव नहीं हो सका। मरीज ने बाइक पर बैठने से मना कर दिया, जिसके बाद युवक वापस लौट आया। इस दौरान अस्पताल परिसर में बाइक पहुंचने की घटना चर्चा का विषय बन गई।
अस्पताल प्रबंधन ने मरीज को भेजा रीवा
मामले की जानकारी जब जिला चिकित्सालय के सिविल सर्जन डॉ. अमर सिंह को मिली तो उन्होंने तत्काल हस्तक्षेप किया। जांच में यह स्पष्ट हुआ कि युवक का उद्देश्य कोई हंगामा करना नहीं था, बल्कि वह अपने घायल परिजन को रीवा ले जाने के लिए परेशान था। इसके बाद अस्पताल प्रबंधन ने तत्काल स्ट्रेचर की व्यवस्था कराई और मरीज को सुरक्षित तरीके से एम्बुलेंस के माध्यम से रीवा भेजा गया।
घोड़े की लात से घायल हुआ था शख्स
बताया जा रहा है कि अंजनी सोनी घोड़े की लात लगने से घायल हुए थे और उनका उपचार जिला अस्पताल में चल रहा था। घटना ने एक बार फिर अस्पताल में मरीजों को समय पर स्ट्रेचर और अन्य बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने की व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। हालांकि अस्पताल प्रशासन का कहना है कि मरीज को आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराकर उसे रेफर कर दिया गया है।

