लुधियाना। जीएसटी कमिश्नरेट अधिकारियों ने शहर में तलाशी अभियान चलाया, जिनमें 311 करोड़ के नकली जीएसटी चालान घोटाले का खुलासा हुआ। लोहा इस्पात क्षेत्र की प्रमुख निर्माण कंपनी ने नकली जीएसटी चालान का लाभउठाकर 47.50 करोड़ के अवैध इनपुट कर क्रेडिट (आईटीसी) का इस्तेमाल अपनी जीएसटी देनदारियों की पूर्ति में किया। इससे सरकारी राजस्व को नुकसान हुआ है।
तलाशी अभियान के बाद फर्मों के संचालक बाप-बेटे को केंद्रीय जीएसटी अधिनियम-2017 के तहत गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजा गया। सीजीएसटी की टीम अब घोटाले में शामिल अन्य संस्थाओं की पहचान कर रही है।

रियल एस्टेट कारोबारी से 10 करोड़ टैक्स की वसूली
सीजीएसटी अधिकारियों ने जांच के बाद प्रमुख रियल एस्टेट कारोबारी से 10 करोड़ रुपए टैक्स की वसूली की है। यह जांच रेल भूमि विकास प्राधिकरण (आरएलडीए) को अदा किए गए अग्रिम पट्टा प्रीमियम पर रिवर्स चार्ज मैकेनिज्म (आरसीएम) के तहत जीएसटी के गैर भुगतान से संबंधित है। जांच की अवधि वित्तीय 2022-23 से 2025-26 तक की है। करदाता ने जीएसटी देयता के विरुद्ध स्वेच्छा से 10 करोड़ की राशि इलेक्ट्रॉनिक नकद लेजर के जरिए जमा कराई है। परिणामस्वरूप चालू वित्तीय वर्ष में अब तक 93 करोड़ की जीएसटी वसूली हुई है।
- खंडवा में मुस्लिम युवक ने अपनाया सनातन धर्म: महादेवगढ़ मंदिर में की घर वापसी, बताया क्यों बना बिलाल से विशाल?
- पानीपत फैक्ट्री में करंट से गई युवक की जान, CCTV में कैद हुआ हादसे का खौफनाक मंजर
- सुप्रीम कोर्ट से मिली राहत, फिर भी टूट गया विनेश फोगाट का एशियन गेम्स में खेलने का सपना! सेमीफाइनल ट्रायल में मिली हार
- व्यवस्था के खिलाफ सड़क पर छात्र: परीक्षा फॉर्म वेरिफिकेशन की जटिलता से परेशान, केकेएम कॉलेज में 4 घंटे प्रदर्शन
- भ्रष्टाचार पर CM मोहन माझी का बड़ा एक्शन, भुवनेश्वर के पूर्व एडिशनल तहसीलदार सेवा से बर्खास्त

