Lifestyle Desk: उम्र बढ़ने के साथ शरीर में कई तरह के बदलाव होना स्वाभाविक है। इसका असर सिर्फ ऊर्जा और मेटाबॉलिज्म पर ही नहीं, बल्कि त्वचा और बालों पर भी दिखाई दे सकता है। खासकर 35 की उम्र के बाद कई महिलाओं को त्वचा में रूखापन, डलनेस, मुंहासे, फाइन लाइंस और रिंकल्स जैसी समस्याएं परेशान कर सकती हैं। वहीं, बालों का झड़ना, उनकी चमक कम होना और कमजोरी भी चिंता का कारण बन सकती है। ऐसे में स्किन और हेयर केयर प्रोडक्ट्स के साथ डाइट पर ध्यान देना भी जरूरी माना जाता है।

डाइट में पोषक तत्वों से भरपूर चीजों को शामिल करने से शरीर को जरूरी फैट, प्रोटीन, फाइबर, विटामिन और मिनरल्स मिल सकते हैं। इन्हीं में अलग-अलग तरह के बीज भी शामिल हैं। पांच बीजों से तैयार पाउडर को संतुलित डाइट का हिस्सा बनाया जा सकता है। इसमें पंपकिन सीड्स, सनफ्लावर सीड्स, मस्कमेलन सीड्स, चिया सीड्स और फ्लैक्स सीड्स शामिल हैं। आइए जानते हैं इसे डाइट में शामिल करने के फायदे।

पंपकिन सीड्स

पंपकिन सीड्स यानी कद्दू के बीज जिंक, मैग्नीशियम, प्रोटीन और हेल्दी फैट्स जैसे पोषक तत्वों के स्रोत होते हैं। जिंक शरीर के कई जरूरी कार्यों में भूमिका निभाता है और सामान्य त्वचा व बालों के स्वास्थ्य के लिए भी महत्वपूर्ण पोषक तत्व माना जाता है। इन्हें हल्का भूनकर या पीसकर डाइट में शामिल किया जा सकता है।

सनफ्लावर सीड्स

सनफ्लावर सीड्स में विटामिन ई, हेल्दी फैट्स और कई अन्य पोषक तत्व पाए जाते हैं। विटामिन ई एक एंटीऑक्सीडेंट है, जो शरीर की कोशिकाओं को ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस से बचाने में भूमिका निभाता है। इन्हें सलाद, स्मूदी या सीड पाउडर के रूप में लिया जा सकता है।

मस्कमेलन सीड्स

मस्कमेलन यानी खरबूजे के बीजों में प्रोटीन, हेल्दी फैट्स और कुछ जरूरी मिनरल्स पाए जाते हैं। इन्हें दूसरे बीजों के साथ मिलाकर पाउडर तैयार किया जा सकता है। यह रोजाना की डाइट में पोषण बढ़ाने का एक आसान विकल्प हो सकता है।

चिया सीड्स

चिया सीड्स फाइबर और ओमेगा-3 फैटी एसिड (ALA) के लिए जाने जाते हैं। फाइबर पाचन तंत्र के सामान्य कामकाज के लिए जरूरी है, जबकि ALA एक आवश्यक फैटी एसिड है। चिया सीड्स को पानी या दूध में भिगोकर, दही में मिलाकर या स्मूदी में डालकर खाया जा सकता है।

फ्लैक्स सीड्स

फ्लैक्स सीड्स यानी अलसी भी फाइबर, ALA ओमेगा-3 और लिग्नान जैसे पौधों से मिलने वाले यौगिकों का स्रोत है। इन्हें साबुत खाने के बजाय पीसकर लेना कई लोगों के लिए आसान रहता है। अलसी का पाउडर दही, ओट्स या आटे में मिलाया जा सकता है।

कैसे करें सेवन?

इन पांचों बीजों को अलग-अलग या सीमित मात्रा में मिलाकर पाउडर तैयार किया जा सकता है। इसे दही, ओट्स, स्मूदी या सलाद में मिलाकर डाइट का हिस्सा बनाया जा सकता है। हालांकि, मात्रा का ध्यान रखना जरूरी है, क्योंकि बीजों में कैलोरी और फैट की मात्रा भी होती है। पर्याप्त पानी पीना भी जरूरी है, खासकर जब डाइट में फाइबर की मात्रा बढ़ाई जा रही हो।

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