दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता (Rekha Gupta) ने दिल्ली पर्यटन विभाग की ओर से आयोजित 35वें तीन दिवसीय ‘वार्षिक आम महोत्सव-2026’ का शुभारंभ दिल्ली हाट, जनकपुरी में किया। इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री कपिल मिश्रा (Kapil Mishra), आशीष सूद (Ashish Sood) और मनजिंदर सिंह सिरसा (Majindar Singh Sirsa) भी मौजूद रहे। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि आम केवल फलों का राजा ही नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति, पारिवारिक परंपराओं और बचपन की अनगिनत यादों से जुड़ा एक भावनात्मक प्रतीक भी है। उन्होंने कहा कि आम भारतीय जीवनशैली और सांस्कृतिक विरासत का अभिन्न हिस्सा है। आज के दौर में आयोजित होने वाला आम महोत्सव (Mango Festival) नई पीढ़ी को भारतीय परंपराओं, संस्कृति और विरासत से जोड़ने का एक महत्वपूर्ण माध्यम है। ऐसे आयोजन न केवल लोगों को देश की समृद्ध कृषि और बागवानी परंपरा से परिचित कराते हैं, बल्कि परिवारों को एक साथ समय बिताने और स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने का अवसर भी प्रदान करते हैं।

देशभर के आमों का स्वाद चखने का मिलेगा मौका

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि देशभर की विभिन्न किस्मों के आमों को एक ही स्थान पर प्रदर्शित करना और लोगों को उनका स्वाद चखने का अवसर उपलब्ध कराना भारतीय कृषि और सांस्कृतिक विरासत को बढ़ावा देने की दिशा में एक सराहनीय पहल है। उन्होंने कहा कि इस तरह के आयोजन देश की समृद्ध बागवानी परंपरा और विविधता को लोगों तक पहुंचाने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं। मुख्यमंत्री ने दिल्लीवासियों, विशेषकर बच्चों और परिवारों से अधिक से अधिक संख्या में वार्षिक आम महोत्सव-2026 में शामिल होने की अपील की। उन्होंने कहा कि यह महोत्सव केवल आम के स्वाद का आनंद लेने का अवसर नहीं है, बल्कि भारतीय संस्कृति, कृषि परंपरा और पारिवारिक मूल्यों से जुड़ने का भी एक खास मंच है।

‘भारतीय आम देश की सांस्कृतिक पहचान का प्रतीक’

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि आज भारतीय आम केवल एक फल या उपहार नहीं, बल्कि देश की सांस्कृतिक पहचान का प्रतीक बन चुका है। उन्होंने कहा कि आम भारतीय परंपरा, संस्कृति और आतिथ्य का अभिन्न हिस्सा है, जिसकी पहचान देश ही नहीं बल्कि दुनिया भर में है। उन्होंने कहा कि वैश्विक स्तर पर भारतीय आम अपनी उत्कृष्ट गुणवत्ता और लोकप्रियता के कारण भारत की अलग पहचान बना रहा है। इसके साथ ही ‘मैंगो डिप्लोमेसी’ के माध्यम से भारत के सांस्कृतिक और कूटनीतिक संबंधों को भी नई मजबूती मिली है।

आम खाने के साथ उसके बारे में सीखने का भी मिलेगा अवसर

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि दिल्ली सरकार का पर्यटन विभाग राजधानी को देश के प्रमुख पर्यटन और सांस्कृतिक केंद्र के रूप में विकसित करने के लिए लगातार काम कर रहा है। उन्होंने कहा कि इस तरह के आयोजन पर्यटन को बढ़ावा देने के साथ-साथ देश की सांस्कृतिक और कृषि विरासत को भी नई पहचान देते हैं। पर्यटन मंत्री कपिल मिश्रा ने बताया कि आम महोत्सव में देशभर के आम उत्पादक हिस्सा ले रहे हैं। यहां आने वाले लोगों को विभिन्न किस्मों के आमों का स्वाद चखने का मौका मिलेगा। इसके साथ ही आम की खेती, उत्पादन प्रक्रिया और विभिन्न प्रजातियों से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी भी उपलब्ध कराई जाएगी। उन्होंने कहा कि यह महोत्सव खासकर बच्चों और परिवारों के लिए एक अनूठा अनुभव होगा। यहां आने वाले लोग केवल आम का स्वाद ही नहीं लेंगे, बल्कि ‘आम के बारे में सीखने’ का भी अवसर प्राप्त करेंगे, जिससे उन्हें भारत की समृद्ध बागवानी परंपरा और आम की विविध किस्मों की जानकारी मिल सकेगी।

दिल्ली पर्यटन को मिलेगा नया आयाम

पर्यटन मंत्री कपिल मिश्रा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व में दिल्ली को केवल ट्रांजिट सिटी नहीं, बल्कि एक प्रमुख ‘टूरिस्ट डेस्टिनेशन सिटी’ के रूप में विकसित किया जा रहा है। इसके लिए राजधानी में पर्यटन सुविधाओं का विस्तार और नए आकर्षण विकसित किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से धार्मिक पर्यटन सर्किट विकसित किया जा रहा है। इसके साथ ही दिल्ली पर्यटन एवं परिवहन विकास निगम (DTTDC) की ओर से डबल डेकर बस सेवा शुरू की गई है और दिल्ली दर्शन बस सेवा को भी दोबारा शुरू किया गया है, ताकि पर्यटक राजधानी के प्रमुख पर्यटन स्थलों का आसानी से भ्रमण कर सकें। कपिल मिश्रा ने कहा कि मानसून सत्र के बाद यमुना नदी में अंतरराष्ट्रीय स्तर का क्रूज़ अनुभव भी दिल्लीवासियों और पर्यटकों के लिए उपलब्ध कराया जाएगा। उनका कहना है कि इन पहलों से दिल्ली पर्यटन को नई पहचान मिलेगी और देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों को राजधानी के नए आकर्षण देखने और बेहतर पर्यटन सुविधाओं का अनुभव करने का अवसर मिलेगा।

महोत्सव में 400 किस्म के आम होंगे आकर्षण का केंद्र

दिल्ली सरकार के अनुसार, 35वें वार्षिक आम महोत्सव-2026 में देशभर की 400 से अधिक किस्मों के आम प्रदर्शित किए जाएंगे। इनमें हुस्नआरा, रटौल, रामकेला, केसर, मल्लिका, अम्रपाली, फजली और हाथीझूल जैसी प्रसिद्ध किस्में शामिल हैं। महोत्सव में कुछ आम अंगूर जितने छोटे तो कुछ पपीते जितने बड़े आकार के होंगे, जो भारत में आम की असाधारण जैव विविधता की झलक पेश करेंगे। सरकार ने बताया कि आम बीटा-कैरोटीन का समृद्ध स्रोत है, जो शरीर में विटामिन-ए में परिवर्तित होकर आंखों और समग्र स्वास्थ्य के लिए लाभकारी होता है। महोत्सव में देश के विभिन्न राज्यों से आए आम उत्पादक अपनी बेहतरीन किस्मों का प्रदर्शन करेंगे। इनमें कई ऐसी प्रजातियां भी शामिल हैं, जिन्हें किसान परिवारों ने दशकों तक चयन, कलमकारी (ग्राफ्टिंग) और निरंतर प्रयोगों के जरिए विकसित किया है।

विश्व का सबसे बड़ा आम उत्पादक देश है भारत

दिल्ली सरकार के अनुसार, भारतीय उपमहाद्वीप में आम की खेती का इतिहास लगभग 4,000 वर्ष पुराना माना जाता है। सदियों से आम भारतीय कृषि, संस्कृति और खान-पान का अभिन्न हिस्सा रहा है और आज भी इसकी लोकप्रियता देश और दुनिया में बरकरार है। भारत वर्तमान में विश्व का सबसे बड़ा आम उत्पादक देश है और वैश्विक आम उत्पादन का लगभग 50 प्रतिशत हिस्सा अकेले भारत में होता है। यही नहीं, दुनिया में ज्ञात लगभग 1,500 आम की किस्मों में से करीब 1,000 किस्में भारत में पाई जाती हैं, जो देश की समृद्ध जैव विविधता और बागवानी परंपरा को दर्शाती हैं।

देशभर के किसान, कृषि विश्वविद्यालय और अनुसंधान संस्थान होंगे शामिल

दिल्ली सरकार के अनुसार, 35वें वार्षिक आम महोत्सव-2026 में देशभर के आम उत्पादकों, कृषि विश्वविद्यालयों, अनुसंधान संस्थानों, सरकारी विभागों और किसान संगठनों की सक्रिय भागीदारी रहेगी। आयोजन का उद्देश्य आम की विविध किस्मों के साथ-साथ वैज्ञानिक अनुसंधान, आधुनिक बागवानी तकनीकों और किसानों के नवाचारों को भी एक मंच पर लाना है। महोत्सव में आईसीएआर-भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान (पूसा), आईसीएआर-केंद्रीय उपोष्ण बागवानी संस्थान (लखनऊ), गोविंद बल्लभ पंत कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (पंतनगर), चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय (हिसार), उद्यान निदेशालय (सहारनपुर, उत्तर प्रदेश) और बिहार कृषि विश्वविद्यालय (सबौर, भागलपुर) सहित कई प्रतिष्ठित संस्थान भाग ले रहे हैं।

इसके अलावा किसान मैंगो सोसायटी, अर्थ मैंगो सोसायटी, मलिहाबाद मैंगो फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड, सोसायटी फॉर कंजर्वेशन ऑफ मैंगो डाइवर्सिटी और अवध एग्रीटेक (मलिहाबाद) जैसे संगठन भी अपनी भागीदारी दर्ज करा रहे हैं। वहीं प्रमुख आम उत्पादकों में तारिक मुस्तफा, रामबीर, अखलाक अली, मोहम्मद शाहिद और मोहम्मद जुनैद अपनी उत्कृष्ट आम की किस्मों का प्रदर्शन करेंगे।

मैंगो ईटिंग प्रतियोगिता और फैमिली एंटरटेनमेंट

35वें वार्षिक आम महोत्सव-2026 में इस बार भी ‘सौ है दाम, जितने खाओ आम’ जैसे लोकप्रिय आयोजन लोगों के आकर्षण का केंद्र रहेंगे। आगंतुक यहां ताज़े आमों के साथ-साथ आम से बने विभिन्न प्रसंस्कृत उत्पाद, खाद्य सामग्री और आम के पौधे भी खरीद सकेंगे। महोत्सव का सबसे लोकप्रिय आकर्षण पुरुषों और महिलाओं के लिए अलग-अलग आयोजित होने वाली मैंगो ईटिंग प्रतियोगिता होगी, जिसमें प्रतिभागी निर्धारित समय में सबसे अधिक आम खाने की चुनौती में हिस्सा लेंगे। इसके अलावा आयोजन में रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम, हस्तशिल्प और कारीगर उत्पादों की प्रदर्शनी, बच्चों के मनोरंजन के लिए विशेष किड्स जोन, आकर्षक सेल्फी पॉइंट और विभिन्न स्वादिष्ट व्यंजनों के फूड स्टॉल भी लगाए जाएंगे। इन सभी गतिविधियों के साथ आम महोत्सव पूरे परिवार के लिए मनोरंजन, स्वाद और भारतीय संस्कृति का अनूठा अनुभव प्रदान करेगा।

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