कुमार इंदर, जबलपुर। माढ़ोताल थाना क्षेत्र स्थित श्रीराम कॉलेज में वित्तीय अनियमितता और गबन का बड़ा मामला सामने आया है। कॉलेज के अकाउंटेंट ने ही छात्रों से नकद फीस लेकर बैंक खाते में जमा करने के बजाय अपने निजी खाते में ट्रांसफर कर ली। प्राचार्य की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

कैसे हुआ खुलासा?

कॉलेज के 14 छात्रों को ‘नो-ड्यूज’ सर्टिफिकेट मिलने में परेशानी हो रही थी, जिसके बाद उन्होंने प्रबंधन से इसकी शिकायत की। कॉलेज स्तर पर जब फीस रिकॉर्ड्स की क्रास-चेकिंग और आंतरिक जांच कराई गई, तब इस बड़े फर्जीवाड़े का पर्दाफाश हुआ।

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फर्जीवाड़े का तरीका

आरोपी अकाउंटेंट चंद्रमोहन सिंह ठाकुर साल 2017 से कॉलेज में सेवाएं दे रहा था। उसने छात्रों से आधिकारिक कॉलेज खाते में ऑनलाइन या बैंक के माध्यम से फीस जमा करवाने के बजाय नकद (कैश) में फीस वसूल की। नकद राशि को कॉलेज के बैंक खाते में जमा कराने के बजाय उसने अपने निजी खाते में हेरफेर कर ट्रांसफर कर ली।

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आरोपी अकाउंटेंट चंद्रमोहन फरार

पोल खुलने के बाद से आरोपी अकाउंटेंट चंद्रमोहन सिंह ठाकुर जनवरी 2026 से ही कॉलेज से बिना बताए गायब है। कॉलेज प्राचार्य शैलेष गुप्ता की औपचारिक रिपोर्ट पर माढ़ोताल पुलिस ने आरोपी के खिलाफ गबन व धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर उसकी तलाश शुरू कर दी है।

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