पानीपत। आसाराम और नारायण साईं प्रकरण में मुख्य गवाह रहे महेंद्र चावला से जुड़े एक मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए अब तक 42 लाख रुपये की नकदी बरामद की है। वहीं बाकी रकम उनके दूसरे भतीजे के पास होने की जानकारी मिलने के बाद पुलिस उसकी तलाश में लगातार दबिश दे रही है।


गिरफ्तारी और आरोप
पुलिस ने 18 अप्रैल को महेंद्र चावला, उनके भाई देवेंद्र चावला और भतीजे राम को गिरफ्तार किया था। इन पर सेक्टर-12 निवासी भगत सिंह द्वारा चांदनीबाग थाने में दर्ज कराई गई एफआईआर के तहत आरोप लगाए गए हैं।
आरोप है कि महेंद्र चावला ने सनौली गांव के पूर्व सरपंच सुरेंद्र शर्मा से जुड़े एक केस में गवाही बदलने के नाम पर पहले 70 लाख रुपये लिए, और बाद में 80 लाख रुपये की अतिरिक्त मांग की गई।


रिमांड के दौरान लगातार बरामदगी
पुलिस ने पहले महेंद्र चावला को तीन दिन के रिमांड पर लिया था, जिसमें 24 लाख रुपये बरामद हुए थे। इसके बाद दोबारा रिमांड के दौरान 18 लाख रुपये और मिले, जिससे कुल बरामद राशि 42 लाख रुपये हो गई।
पूछताछ में यह भी सामने आया कि शेष नकदी उसके दूसरे भतीजे के पास हो सकती है, जिसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस दबिश दे रही है।


अदालत का फैसला
शनिवार को रिमांड अवधि पूरी होने पर महेंद्र चावला को अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। जबकि उनके भाई देवेंद्र चावला और भतीजे राम पहले ही न्यायिक हिरासत में भेजे जा चुके हैं।


पुलिस का बयान
डीएसपी मुख्यालय सतीश वत्स ने बताया कि अब तक 42 लाख रुपये की नकदी बरामद हो चुकी है और बाकी रकम की तलाश जारी है। पुलिस आरोपियों और उनके नेटवर्क की गहन जांच कर रही है।