बोकारो। डीवीसी के बोकारो थर्मल पावर प्लांट की 500 मेगावाट क्षमता वाली यूनिट में शुक्रवार को तकनीकी खराबी के कारण बिजली उत्पादन पूरी तरह बंद हो गया। बायलर में ट्यूब लीकेज सामने आने के बाद दोपहर करीब 2 बजे यूनिट को शटडाउन कर दिया गया। माना जा रहा है कि मरम्मत पूरी होने तक अगले दो दिनों तक बिजली उत्पादन प्रभावित रह सकता है।
364 से घटकर 300 मेगावाट पहुंचा उत्पादन
प्लांट के अनुसार शुक्रवार सुबह यूनिट से करीब 364 मेगावाट बिजली का उत्पादन हो रहा था। दोपहर पौने दो बजे के आसपास उत्पादन घटकर 300 मेगावाट रह गया। तकनीकी टीम की जांच में बायलर की ट्यूब में लीकेज की पुष्टि हुई, जिसके बाद सुरक्षा के मद्देनजर यूनिट बंद कर दी गई।
सोमवार शाम तक दोबारा चालू करने का लक्ष्य
मुख्य प्रबंधक सह परियोजना प्रधान सुशील कुमार अरजरिया ने बताया कि शटडाउन के बाद बायलर को पूरी तरह ठंडा होने में समय लगेगा। सुरक्षित तापमान पर पहुंचने के बाद ही लीकेज वाले हिस्से की मरम्मत शुरू की जाएगी। परिस्थितियां अनुकूल रहीं तो सोमवार शाम तक यूनिट को लाइटअप कर उत्पादन शुरू करने का लक्ष्य रखा गया है।
झारखंड समेत कई राज्यों की बिजली आपूर्ति पर असर संभव
बोकारो थर्मल पावर प्लांट से उत्पादित बिजली राष्ट्रीय ग्रिड के जरिए झारखंड के अलावा दिल्ली, पंजाब और बिहार समेत अन्य क्षेत्रों में भी भेजी जाती है। ऐसे में 500 मेगावाट की यूनिट बंद रहने से बिजली आपूर्ति पर दबाव बढ़ने की संभावना है।
क्या होता है ट्यूब लीकेज?
पावर प्लांट के बायलर में लगी धातु की ट्यूबों में पानी प्रवाहित होता है। अत्यधिक तापमान और दबाव के कारण पानी भाप में बदलता है, जिससे टर्बाइन चलती है और बिजली पैदा होती है। लंबे समय तक तापमान, दबाव, जंग या अन्य तकनीकी कारणों से ट्यूब में दरार या छेद होने पर पानी अथवा भाप का रिसाव होने लगता है। इसे ट्यूब लीकेज कहा जाता है।ऐसी स्थिति में बायलर को नुकसान से बचाने के लिए यूनिट को तत्काल शटडाउन करना जरूरी होता है।

