तनवीर खान, मैहर। मध्य प्रदेश के मैहर जिले के सिविल अस्पताल अमरपाटन में स्वास्थ्य विभाग की गंभीर लापरवाही सामने आई है। करौंदी चपना निवासी संदीप साकेत अपने 6 वर्षीय पुत्र समीर को इलाज के लिए अस्पताल लेकर पहुंचे थे। आरोप है कि डॉक्टर द्वारा लिखी दवाएं अस्पताल से लेते समय फार्मासिस्ट ने एक्सपायरी दवा थमा दी। यह दवा उल्टी को ठीक करने के काम आती है। परिजनों को दवा की एक्सपायरी डेट स्पष्ट नहीं दिखने पर संदेह हुआ। ऑनलाइन जांच करने पर पता चला कि संबंधित दवा फरवरी 2026 में ही एक्सपायर हो चुकी है, जबकि वर्तमान समय अप्रैल 2026 है। सतर्कता के चलते बच्चे को दवा नहीं दी गई और संभावित खतरा टल गया।
सीएम हेल्पलाइन में हुई शिकायत
मामले की शिकायत सीएम हेल्पलाइन 181 पर भी दर्ज कराई गई है, जिसकी प्रति में अस्पताल में दवाओं की उपलब्धता और गुणवत्ता को लेकर सवाल उठाए गए हैं। शिकायत में जांच कर कार्रवाई की मांग की गई है। परिजनों का कहना है कि समय रहते लापरवाही पकड़ में नहीं आती तो बच्चे की जान को खतरा हो सकता था। घटना के बाद अस्पताल प्रबंधन और दवा वितरण व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
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पीड़ित संदीप साकेत ने बताया कि वह अपने बच्चे समीर को लेकर उल्टी दस्त की शिकायत पर सिविल अस्पताल अमरपाटन गए थे। डॉक्टरों ने देखने के बाद दवाई लिखकर दे दी, और बोल दिया कि ओपीडी से दवाई ले लेना।जब मैं दवा लेने गया तो उस दवा में डेट की जगह पर मिटा हुआ था। परिजन को शक हुआ तो उन्होंने गूगल के जरिये स्कैन करके चेक किया। चेक करने के दौरान दवाई एक्सपायरी निकली। दवा की एक्सपायरी फरवरी 2026 में थी।
परिजन जब डॉक्टर के पास पहुंचे तो डॉक्टर ने कहा इस दवा को फेक दो आपको दूसरी दवा दे देते है। जब सुनवाई नहीं हुई तो प्रभारी डॉ हिमांशु पांडेय के पास गए। उन्होंने भी यह कहकर टाल दिया कि इसको फेक दो दूसरी दवा दे देता हूं।जब कहीं सुनवाई नहीं हुई तो सीएम हेल्पलाइन में शिकायत कर सम्बंधित के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई है।

