संजय पाटीदार, भोपाल। मध्य प्रदेश की राजधानी में महिला सशक्तिकरण और स्मार्ट शहरी विकास को रफ्तार देने के लिए भोपाल नगर निगम (BMC) एक नई और अनूठी पहल करने जा रहा है। नगर निगम अब महिला स्व-सहायता समूहों को मजबूत करने के लिए ‘कॉमन फैसिलिटी सेंटर’ और ‘बिजनेस हब’ का निर्माण करेगा। इसके साथ ही नगर प्रशासन की कार्यप्रणाली को और अधिक पारदर्शी व प्रभावी बनाने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और डिजिटल तकनीकों का बड़े पैमाने पर उपयोग किया जाएगा।
एक ही छत के नीचे मिलेंगी सभी सुविधाएं, वैश्विक बाजार पर नजर
अटल भवन में आयोजित एक विशेष बैठक के दौरान महिला समूहों के आर्थिक सशक्तिकरण को लेकर विस्तृत चर्चा हुई। कमिश्नर संस्कृति जैन ने बताया कि बीएमसी महिला उद्यमियों (Women Entrepreneurs) के लिए एक डेडिकेटेड बिजनेस हब और कॉमन फैसिलिटी सेंटर की प्लानिंग कर रही है।
इस केंद्र के शुरू होने से छोटे स्तर पर कारोबार कर रही महिलाओं को कई बड़े फायदे मिलेंगे। महिला समूहों को उत्पादों के उत्पादन, पैकेजिंग, ब्रांडिंग, भंडारण और मार्केटिंग की सुविधाएं एक ही परिसर में मिलेंगी।
स्थानीय उत्पादों को बड़ी ई-कॉमर्स वेबसाइटों और क्विक डिलीवरी सर्विसेज से जोड़ा जाएगा। महिला समूहों द्वारा तैयार उत्पादों की गुणवत्ता सुधारकर उन्हें यूरोप सहित अन्य अंतर्राष्ट्रीय बाजारों में एक्सपोर्ट करने की संभावनाओं पर भी काम किया जा रहा है।
नगर निगम प्रबंधन में दिखेगा AI का दम
बढ़ते शहरीकरण और नागरिकों की जरूरतों को देखते हुए अब भोपाल नगर निगम प्रशासन में एआई आधारित प्रणालियों को लागू किया जाएगा। भविष्य में शहर की व्यवस्थाओं को सुधारने के लिए एआई की भूमिका बेहद अहम होने वाली है।
इसके माध्यम से शहर की सफाई व्यवस्था की निगरानी और विकास कार्यों की ट्रैकिंग एआई के जरिए होगी। नागरिकों की समस्याओं और शिकायतों का निपटारा अब डिजिटल माध्यम से और तेजी से किया जा सकेगा। निगम के संसाधनों का सही और सटीक प्रबंधन सुनिश्चित किया जाएगा।
केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने की शिरकत, स्वच्छ ऊर्जा पर भी जोर
नगर निगम के अटल भवन में आयोजित इस संवाद कार्यक्रम में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान मुख्य रूप से शामिल हुए। उन्होंने पार्षदों और महिला स्व-सहायता समूहों के प्रतिनिधियों से बातचीत करते हुए कहा कि तकनीक, एआई और डिजिटल प्लेटफॉर्म ही भविष्य की प्रगति का असली आधार हैं इसलिए हमें इनका अधिकतम उपयोग करना चाहिए।
स्वच्छ ऊर्जा और ऊर्जा बचत के उपायों पर मंथन
इसके अलावा कार्यक्रम में शहर को पर्यावरण अनुकूल बनाने के लिए स्वच्छ ऊर्जा और ऊर्जा बचत के उपायों पर भी मंथन हुआ। भविष्य की प्राथमिकताओं में पाइप गैस नेटवर्क के विस्तार, बायोगैस परियोजनाओं को प्रोत्साहन देने और पारंपरिक ईधनों पर निर्भरता कम करने का संकल्प लिया गया।

