कुमार इंदर, जबलपुर। मध्य प्रदेश के जबलपुर मेडिकल कॉलेज में एक बड़ा वित्तीय घोटाला सामने आया है। जानकारी के अनुसार, यह घोटाला 2020 से 2025 तक किया गया और इसमें लगभग 66 लाख रुपये की हेराफेरी की गई। ओपीडी स्लिप और मरीजों के जांच से मिली राशि जिसे बैंक में जमा कराया जाना था, लेकिन वह बैंक में जमा ही नहीं की गई।
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जैसे ही मेडिकल डीन नवनीत सक्सेना को इस घोटाले की जानकारी मिली, उन्होंने तीन सदस्यीय जांच टीम गठित कर दी और मामले की सूचना गढ़ा पुलिस को दी। गढ़ा पुलिस ने इस मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि मेडिकल डीन द्वारा लिखित शिकायत दी गई है,लेकिन विस्तृत जानकारी अभी तक नहीं मिली है। जांच टीम की रिपोर्ट आने के बाद पुलिस आगे की कार्रवाई करेगी।
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सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब यह घोटाला लगातार पांच साल तक चलता रहा, तो मेडिकल कॉलेज के बड़े अधिकारियों को इसकी जानकारी क्यों नहीं हुई। अब देखना होगा कि इस घोटाले में कौन-कौन जिम्मेदार ठहराए जाते हैं और पुलिस की जांच से क्या खुलासा होता है।

