69000 सहायक अध्यापक भर्ती में नियुक्ति की मांग को लेकर आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों ने रविवार को कैबिनेट मंत्री संजय निषाद से मुलाकात की. अभ्यर्थियों ने आगामी सुनवाई से पहले 6800 अभ्यर्थियों की चयन सूची के संबंध में समाधानकारी प्रस्ताव सुप्रीम कोर्ट में रखने की मांग की.
सतीश सिंह, लखनऊ. 69000 सहायक अध्यापक भर्ती में नियुक्ति की मांग को लेकर आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों ने रविवार को कैबिनेट मंत्री संजय निषाद के आवास के बाहर प्रदर्शन किया. मंत्री अपने आवास पर मौजूद थे. उन्होंने अभ्यर्थियों को अंदर बुलाया, उनसे मुलाकात की और उनकी समस्याएं विस्तार से सुनीं. अभ्यर्थियों ने मंत्री को एक ज्ञापन भी सौंपा.
6800 चयन सूची
अभ्यर्थियों का कहना है कि 69000 सहायक अध्यापक भर्ती प्रकरण में आरक्षण संबंधी विसंगतियों के चलते शासन ने 5 जनवरी 2022 को लगभग 6800 अभ्यर्थियों की चयन सूची जारी की थी.
उनका आरोप है कि जब वे निदेशक अनिल भूषण चतुर्वेदी से मिलकर अनुरोध करते हैं कि कोर्ट में 6800 की चयन सूची को प्रोटेक्ट करने की बात करें, तो निदेशक जवाब देते हैं कि उन्होंने यह सूची जारी नहीं की. उस समय वे पद पर नहीं थे. जिसने सूची निकाली है, उनसे मिलें.
अभ्यर्थियों के अनुसार, जब वे कहते हैं कि सूची मुख्यमंत्री के आदेश से निकली थी, तो निदेशक कहते हैं कि मुख्यमंत्री से ही बात करें, वे इसमें कुछ नहीं कर सकते.
नियुक्ति की मांग
अभ्यर्थियों ने मंत्री संजय निषाद से मांग की है कि आगामी सुनवाई से पहले शासन और बेसिक शिक्षा विभाग अपने शपथपत्र (एफिडेविट) में 5 जनवरी 2022 को जारी 6800 अभ्यर्थियों की सूची के संबंध में स्पष्ट और समाधानकारी प्रस्ताव माननीय सर्वोच्च न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत करें, ताकि इन अभ्यर्थियों की नियुक्ति हो सके.


