इंदर कुमार, जबलपुर। मध्य प्रदेश के जबलपुर से बिजली विभाग की लापरवाही का मामला सामने या है जिसने एक हंसते-खेलते परिवार के चिराग को हमेशा के लिए बुझा दिया। जिले के गौर पुलिस चौकी अंतर्गत ग्राम कूडरिया में बिजली पोल के स्टे वायर में उतरे करंट की चपेट में आने से एक सात साल के मासूम बच्चे की जान चली गई। इस घटना ने बार फिर साबित कर दिया है कि लापरवाही से बड़े हादसे कभी भी हो सकते हैं।
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घर के बाहर खेल रहा था मासूम, पोल छूते ही लगा करंट
जानकारी के मुताबिक 7 वर्षीय मासूम बच्चा अपने घर के बाहर अन्य बच्चों के साथ खेल रहा था। इसी दौरान वह अचानक पास ही मौजूद बिजले के खंभे के स्टे वायर के संपर्क में आ गया। जैसे ही बच्चे का हाथ उस तार से टच हुआ वह करंट की चपेट में आ गया और मौके पर ही उसकी जान चली गई।
2 घंटे तक तड़पता रहा परिवार, नहीं पसीजा बिजली विभाग का दिल
इस पूरे मामले में बिजली विभाग की सबसे अमानवीय और संवेदनहीन तस्वीर तब सामने आई जब हादसे के बाद स्थानीय लोगों और परिजनों ने विभाग को इसकी सूचना दी। आरोप है कि घटना की जानकारी देने के बावजूद पूरे 2 घंटे तक की भी विद्युत कर्मचारी मौके पर नहीं पहुंचा। इस मासूम का शव दो घंटे तक वहीं पड़ा रहा और परिवार सिर्फ उसे देखता रहा।
परिजनों ने किया पोस्टमार्टम कराने से इनकार
मासूम की मौत और विभाग की इस घोर लापरवाही से गुस्साए परिजनों और ग्रामीणों का आक्रोश फूट पड़ा। बिजली कर्मचारियों के रवैये से नाराज परिजनों ने मासूम के शव का पोस्टमार्टम करवाने से साफ इनकार कर दिया है। उनका कहना है कि जब तक दोषी अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई नहीं होती वे पीछे नहीं हटेंगे।
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जांच में जुटी गौर पुलिस चौकी
घटना की संवेदनशीलता को देखते हुए गौर पुलिस चौकी की टीम मौके पर पहुंची और स्थानीयों को समझाने का प्रयास किया। पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले को संज्ञान में ले लिया है। अब देखना यह है कि एक मासूम की जान लेने वाली इस खूनी लापरवाही के जिम्मेदार बिजली कर्मचारियों पर प्रशासन क्या एक्शन लेता है।

