कुरुक्षेत्र। सात वर्षों के लंबे इंतजार के बाद कुरुक्षेत्र का बहुप्रतीक्षित एलिवेटेड रेलवे ट्रैक आखिरकार शुरू हो गया। शुक्रवार रात करीब 8:30 बजे 54048 जींद-कुरुक्षेत्र पैसेंजर ट्रेन हरियाणा के पहले एलिवेटेड रेलवे स्टेशन सिटी थानेसर पहुंची। इसके साथ ही एलिवेटेड ट्रैक पर नियमित रेल संचालन की शुरुआत हो गई। इस परियोजना का औपचारिक उद्घाटन 17 जुलाई को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वर्चुअल माध्यम से करेंगे।
हरियाणा के पहले एलिवेटेड स्टेशन पर पहुंची पहली ट्रेन
एलिवेटेड ट्रैक पर बने सिटी थानेसर रेलवे स्टेशन पर पहली बार कोई नियमित यात्री ट्रेन पहुंची। करीब 600 मीटर लंबे इस स्टेशन पर जींद से आई पैसेंजर ट्रेन करीब दो मिनट रुकी और फिर कुरुक्षेत्र जंक्शन के लिए रवाना हो गई। ट्रेन के पहुंचते ही रेलवे अधिकारियों और कर्मचारियों में उत्साह का माहौल देखने को मिला।
दिनभर चला कट एंड कनेक्शन का काम
रेलवे ने शुक्रवार को करीब 10 घंटे का पावर और ट्रैफिक ब्लॉक लेकर पुरानी रेलवे लाइन को नए एलिवेटेड ट्रैक से जोड़ने का अंतिम कार्य पूरा किया। मशीनों की मदद से पुरानी पटरियों को काटकर नई लाइन से जोड़ा गया। इसके बाद इंजन चलाकर ट्रैक का सफल ट्रायल किया गया और सभी तकनीकी जांच पूरी होने के बाद यात्री ट्रेनों के संचालन की अनुमति दे दी गई।
54048 जींद-कुरुक्षेत्र पैसेंजर बनी पहली ट्रेन
एलिवेटेड ट्रैक पर नियमित रूप से चलने वाली पहली ट्रेन 54048 जींद-कुरुक्षेत्र पैसेंजर बनी। इस ट्रेन का संचालन लोको पायलट चंद्रकांत कुमार, सहायक लोको पायलट मनीष कुमार तथा रेलवे के पीडब्ल्यूआई एल. मीणा की मौजूदगी में किया गया।
17 जुलाई को प्रधानमंत्री करेंगे उद्घाटन
कुरुक्षेत्र जंक्शन के स्टेशन अधीक्षक शंकर लाल मीणा के अनुसार, एलिवेटेड रेलवे ट्रैक का औपचारिक उद्घाटन 17 जुलाई को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जींद से वर्चुअल माध्यम से करेंगे। उद्घाटन से पहले ट्रेनों का संचालन शुरू कर दिया गया है ताकि सभी व्यवस्थाओं का व्यावहारिक परीक्षण भी होता रहे।
447 करोड़ रुपये की लागत से तैयार हुआ प्रोजेक्ट
करीब 447 करोड़ रुपये की लागत से तैयार इस एलिवेटेड रेलवे ट्रैक परियोजना का शिलान्यास 22 अगस्त 2019 को तत्कालीन मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने किया था। अब निर्माण कार्य पूरा होने के बाद परियोजना संचालन के चरण में पहुंच गई है।
ट्रैफिक जाम से मिलेगी राहत
इस एलिवेटेड ट्रैक के शुरू होने से शहर के कई रेलवे फाटक समाप्त हो जाएंगे, जिससे ट्रैफिक जाम की समस्या में बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। साथ ही रेल संचालन पहले की तुलना में अधिक सुरक्षित और सुचारु होगा।
पहली ट्रेन से उतरने वाले यात्रियों ने इस परियोजना की सराहना करते हुए कहा कि एलिवेटेड ट्रैक पर यात्रा करना उनके लिए यादगार अनुभव रहा और इससे क्षेत्र के विकास को नई गति मिलेगी।

