नेपाल में हाल ही में आए विनाशकारी फ्लैश फ्लड (आकस्मिक बाढ़) के कारण पड़ोसी राज्य बिहार में बाढ़ का भयंकर संकट मंडराने लगा है। नेपाल की ओर से आने वाले भारी जलप्रवाह के मद्देनजर बिहार के तटवर्ती जिलों में खतरे की घंटी बज चुकी है। इस गंभीर परिस्थिति को देखते हुए बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने एक संवेदनशील प्रेस वक्तव्य जारी किया है।
​नेता प्रतिपक्ष ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि इस प्राकृतिक आपदा से निपटने के लिए न केवल आम जनता को बल्कि पूरी बिहार सरकार और प्रशासनिक तंत्र को पूरी तरह सजग, सतर्क और चाक-चौबंद रहना होगा। किसी भी प्रकार की कोताही से भारी जनजीवन और संपत्ति का नुकसान हो सकता है, जिसे समय रहते रोकना हमारी सबसे बड़ी प्राथमिकता होनी चाहिए।

​प्रशासनिक तैयारी और तटबंधों की निरंतर निगरानी पर जोर

​ तेजस्वी यादव ने राज्य सरकार और जिला प्रशासन को आगाह करते हुए कहा है कि किसी भी प्रतिकूल आपात परिस्थिति से निपटने के लिए प्रशासन को 24 घंटे लगातार निगरानी रखनी चाहिए।

  • ​राहत और बचाव कार्य: किसी भी आपदा से तुरंत निपटने के लिए सभी जरूरी राहत और बचाव दल को पूरी मुस्तैदी के साथ तैयार रखा जाए।
  • ​तकनीकी और प्रशासनिक तैयारियां: बाढ़ प्रभावित इलाकों में सभी आवश्यक तकनीकी और प्रशासनिक कदम पहले से ही सुनिश्चित किए जाएं ताकि ऐन वक्त पर किसी असुविधा का सामना न करना पड़े।
  • ​तटबंधों की सुरक्षा: सरकार बांधों और सुरक्षात्मक तटबंधों की चौबीसों घंटे निगरानी करे और उनकी मजबूती को हर हाल में सुनिश्चित बनाए ताकि जलस्तर बढ़ने पर वे सुरक्षित रहें।

​गंडक बेसिन के जिलों के लिए विशेष दिशा-निर्देश और पार्टी कार्यकर्ताओं की भूमिका

​आपदा के संभावित खतरे को देखते हुए नेता प्रतिपक्ष ने अपनी पार्टी के सभी कार्यकर्ताओं को भी मैदान में उतरने का निर्देश दिया है। उन्होंने कहा कि गंडक नदी के बढ़ते जलस्तर से प्रभावित होने वाले प्रमुख जिलों पश्चिमी चंपारण, पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, सारण, मुजफ्फरपुर और वैशाली के स्थानीय लोगों तक समय पर सही सूचना पहुंचाई जानी चाहिए।
​पार्टी कार्यकर्ताओं का यह कर्तव्य है कि वे गांवों और कस्बों में जाकर लोगों को लगातार जागरूक करें, उन्हें प्रशासन की चेतावनियों से अवगत कराएं और जरूरत पड़ने पर सुरक्षित स्थानों पर जाने में उनकी मदद करें। जनता की सुरक्षा ही इस समय हमारा सबसे बड़ा संकल्प होना चाहिए।