लखनऊ. उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री और सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर ने समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव पर एक बार फिर से तीखा हमला किया है. उन्होंने सपा संगठन में कथित “गेट पर रेट” व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए अखिलेश यादव से इसे बंद कराने की अपील की है. साथ ही यह भी कहा है कि रेट बंद न हुआ तो चुनाव में नेता प्रतिपक्ष बनने के लिए भी सीट नही आएगी.
शुक्रवार को सोशल मीडिया मंच एक्स पर राजभर ने अपने पोस्ट में दावा किया है कि समाजवादी पार्टी के कुछ कार्यकर्ता उनके पास आए और उन्होंने शिकायत की कि अखिलेश यादव से मिलने, फोटो खिंचवाने और हाथ मिलाने के लिए उनके करीबी लोगों द्वारा कथित तौर पर पैसे लिए जाते हैं. पोस्ट के मुताबिक, कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि फोटो खिंचवाने के लिए 5,000 और हाथ मिलाने के लिए 8,000 से 10,000 तक की मांग की जाती है, जबकि मुलाकात कराने का अलग हिसाब है.
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राजभर ने आगे लिखा कि उन्हें समझ नहीं आता कि अपनी ही पार्टी के कार्यकर्ताओं, वह भी अपनी बिरादरी के लोगों से कथित तौर पर वसूली की जरूरत क्यों पड़ रही है. उन्होंने अखिलेश यादव की संपत्ति में 900 गुना बढ़ोतरी का जिक्र करते हुए भी सवाल उठाया कि फिर “एक्स्ट्रा इनकम” की जरूरत क्यों है. उन्होंने कहा कि यदि यह सब अखिलेश यादव की जानकारी में हो रहा है तो यह गंभीर है और यदि उनके करीबी लोग ऐसा कर रहे हैं तो इसे तत्काल रोका जाना चाहिए. पोस्ट में राजभर ने लिखा कि वह यह बात राजनीतिक विरोधी के रूप में नहीं, बल्कि “मित्र” के तौर पर कह रहे हैं. उनके अनुसार, सपा कार्यकर्ताओं ने उनसे आग्रह किया कि वह यह शिकायत अखिलेश यादव तक पहुंचाएं ताकि उनका भला हो सके.
राजभर ने अपने पोस्ट में अखिलेश यादव को चेतावनी भरे अंदाज में लिखा, “अपनी मीटिंग का सौदा बंद करवाइए मित्र, वरना बहुत महंगा पड़ सकता है. गेट पर रेट का काउंटर बंद कीजिए. 20 रुपये चंदा मांगकर कार्यकर्ता को मूर्ख मत बनाइए. यही सिस्टम चलता रहा तो हो सकता है अगले साल नेता प्रतिपक्ष बनने भर की सीट भी न आए. जनता तो हराएगी ही, प्रताड़ित और शोषित कार्यकर्ता भी आपको हरा देंगे.”

