दिल्ली पुलिस (Delhi Police) ने सोमवार को प्रदर्शन के दौरान रिपोर्टिंग करने वाले पत्रकारों के लिए चार गाइडलाइन (guideline) जारी की हैं। पुलिस ने पत्रकारों से वैध पहचान पत्र साथ रखने और जरूरत पड़ने पर उसे स्पष्ट रूप से दिखाने के लिए कहा है। साथ ही, यह सुनिश्चित करने की अपील की गई है कि पत्रकारों की मौजूदगी से पुलिस के कामकाज में किसी तरह की बाधा न आए। दिल्ली पुलिस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर पोस्ट साझा कर ये दिशानिर्देश जारी किए। पुलिस की ओर से कहा गया है कि प्रदर्शन के दौरान पत्रकार अपनी सुरक्षा और पहचान से जुड़े नियमों का पालन करते हुए रिपोर्टिंग करें।

पुलिस की यह गाइडलाइन ऐसे समय में सामने आई है, जब महिला पत्रकारों ने 3 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर हुए विरोध प्रदर्शन के दौरान पुलिसकर्मियों पर छेड़छाड़ और मारपीट के आरोप लगाए थे। इन आरोपों के बाद प्रदर्शन स्थल पर पत्रकारों की सुरक्षा और रिपोर्टिंग के दौरान पुलिस-प्रेस समन्वय को लेकर भी सवाल उठे थे।

गाइडलाइन में क्या-क्या कहा है?

दिल्ली पुलिस की ओर से जारी गाइडलाइन के मुताबिक, प्रदर्शन को कवर करने वाले सभी पत्रकारों के लिए मान्यता प्राप्त मीडिया संगठन या पीआईबी/डीआईपी की ओर से जारी वैध पहचान पत्र साथ रखना जरूरी होगा। रिपोर्टिंग के दौरान पत्रकारों को अपना आईडी कार्ड इस तरह पहनकर रखने के लिए कहा गया है, जिससे वह स्पष्ट रूप से दिखाई देता रहे। इससे ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों को मौके पर पत्रकारों की पहचान करने में आसानी होगी। दिल्ली पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया है कि पत्रकारों की मौजूदगी और उनकी रिपोर्टिंग से पुलिस के कामकाज में किसी तरह की बाधा नहीं आनी चाहिए। पुलिस ने प्रदर्शन स्थल पर रिपोर्टिंग के दौरान पत्रकारों से इन दिशानिर्देशों का पालन करने की अपील की है।

आपातकालीन या तनावपूर्ण स्थिति में क्या करना होगा?

दिल्ली पुलिस की गाइडलाइन में आपातकालीन या तनावपूर्ण स्थिति के दौरान पत्रकारों के लिए भी निर्देश दिए गए हैं। पुलिस ने ऐसे हालात में पत्रकारों को प्रदर्शनकारियों से अलग रहने और सुरक्षित दूरी बनाए रखने की सलाह दी है। गाइडलाइन के मुताबिक, तनावपूर्ण स्थिति में पत्रकारों को अपनी पहचान स्पष्ट रखते हुए सुरक्षित स्थान से रिपोर्टिंग या कवरेज करनी चाहिए। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि मौके पर पत्रकारों की अलग से पहचान हो सके और वे पुलिस तथा प्रदर्शनकारियों की गतिविधियों के बीच सुरक्षित तरीके से अपना काम कर सकें।

तीन महिला पत्रकारों के आरोपों के बीच आई गाइडलाइन

बता दें कि तीन महिला पत्रकारों ने शनिवार को जंतर-मंतर पर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ हुए विरोध प्रदर्शन के दौरान दिल्ली पुलिस के अधिकारियों पर यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए हैं। महिला पत्रकारों की ओर से शिकायतें मिलने के बाद मामले की आगे की जांच क्राइम ब्रांच को सौंप दी गई है। महिला पत्रकारों के आरोप सामने आने के बाद कई स्वतंत्र पत्रकारों ने भी पुलिस अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग को लेकर संसद मार्ग थाने के बाहर विरोध प्रदर्शन किया था। इसी घटनाक्रम के बीच दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शन के दौरान पत्रकारों के लिए गाइडलाइन जारी की है।

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