चंडीगढ़। अगले साल होने वाले पंजाब विधानसभा चुनावों के लिए कांग्रेस पार्टी ने अभी से कमर कस ली है। पार्टी ने उम्मीदवारों के चयन के लिए एक विशेष रणनीति तैयार की है, जिसके तहत पूरे राज्य में व्यापक सर्वे कराया जाएगा। सूत्रों के अनुसार, इस सर्वे की कमान दिग्गज चुनावी रणनीतिकार सुनील कानूगोलू और एक निजी एजेंसी को सौंपी गई है।

दो स्तरों पर होगा सर्वे, एकाधिकार पर रोक निजी एजेंसी

पंजाब कांग्रेस प्रभारी और प्रदेश अध्यक्ष एक निजी एजेंसी के माध्यम से जमीनी फीडबैक जुटाएंगे।

कानूगोलू की टीम

सुनील कानूगोलू की टीम प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र की विस्तृत रिपोर्ट सीधे पार्टी हाईकमान को सौंपेगी। ऐसा इसलिए किया गया है ताकि टिकट वितरण की प्रक्रिया में किसी एक इकाई या गुट का एकाधिकार न रहे।

A, B और C कैटेगरी में बांटी गईं सीटें

कैटेगरी A (50-60 सीटें): वे सीटें जहाँ कांग्रेस की स्थिति बहुत मजबूत है। यहां उम्मीदवारों का चयन जिला अध्यक्षों की राय और आंतरिक सर्वे के आधार पर होगा।
कैटेगरी B: यहां कांग्रेस का पिछला प्रदर्शन अच्छा था लेकिन जीत नहीं मिल सकी। सर्वे के जरिए हार के कारणों का पता लगाया जाएगा।

कैटेगरी C

वे सीटें जहाँ कांग्रेस लगातार कमजोर रही है। इन क्षेत्रों में पार्टी नए और युवा चेहरों को मौका देने पर विचार कर रही है।

50% टिकट युवाओं को देने की तैयारी

हरियाणा चुनावों से सबक लेते हुए कांग्रेस इस बार गुटबाजी को खत्म करने के मूड में है। सूत्रों का कहना है कि पार्टी अपनी करीब 50 प्रतिशत टिकटें 50 साल या उससे कम उम्र के उम्मीदवारों को दे सकती है।

यह कदम हरियाणा में हुई गलतियों को सुधारने के लिए उठाया जा रहा है, जहाँ नेताओं ने जीतने वाले उम्मीदवारों के बजाय अपने करीबियों को टिकट दिलाने पर जोर दिया था।