पटना। ​बिहार कांग्रेस के मुख्यालय, सदाकत आश्रम में इन दिनों खादी, चरखा और सादगी का माहौल है। पार्टी की विचारधारा को जमीनी स्तर पर मजबूत करने के उद्देश्य से तीन दिवसीय ‘सर्वोदय संकल्प शिविर’ का शंखनाद किया गया है। इस विशेष प्रशिक्षण शिविर में बिहार के सभी 40 जिलों से आए पर्यवेक्षकों को गांधीवादी मूल्यों और ‘गांधीगिरी’ के जरिए राजनीति करने के गुर सिखाए जा रहे हैं।

​रिटायर्ड DGP बने ‘मास्टर साहब’

​इस शिविर की सबसे खास बात यह है कि राजनीति की इस क्लास में शिक्षक की भूमिका तमिलनाडु के रिटायर्ड DGP करुणा सागर निभा रहे हैं। वे जिला पर्यवेक्षकों को शांतिपूर्ण प्रतिरोध और गांधीवादी दर्शन का प्रशिक्षण दे रहे हैं। शिविर को पूरी तरह पारंपरिक रूप देने के लिए महाराष्ट्र के वर्धा से विशेष चरखे मंगवाए गए हैं, जिनका उपयोग कर कार्यकर्ता श्रमदान का महत्व समझ रहे हैं। बिहार कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष राजेश राम ने इस कार्यक्रम का विधिवत उद्घाटन किया।

​जमीन पर बिस्तर और सादगी भरा जीवन

​कांग्रेस के इस शिविर में अनुशासन और सादगी पर विशेष जोर दिया गया है। भाग ले रहे सभी 40 जिला पर्यवेक्षक किसी आलीशान होटल या कमरे के बजाय सदाकत आश्रम के भीतर एक व्यवस्थित स्थान पर जमीन पर सो रहे हैं। दिन की शुरुआत ‘प्रभात फेरी’ और ‘श्रमदान’ से होती है, जिसका मकसद नेताओं को जनता के बीच शारीरिक श्रम और सामूहिकता का संदेश देना है।

​देसी खान-पान और कमेटी का प्रबंधन

​प्रशिक्षण के साथ-साथ कार्यकर्ताओं के खान-पान का भी खास ख्याल रखा गया है। नाश्ते में पारंपरिक पूरी, आलू-चने की सब्जी और जलेबी परोसी गई, जबकि दोपहर के भोजन में शुद्ध शाकाहारी चावल, दाल, दो प्रकार की सब्जियां, पापड़ और अचार की व्यवस्था की गई। इस पूरे आयोजन को सुचारू रूप से चलाने के लिए प्रदेश अध्यक्ष ने 9 सदस्यीय विशेष कमेटी का गठन किया है, जो हर छोटी-बड़ी गतिविधि की निगरानी कर रही है।

​गांधी की राह पर सियासी रणनीति

​प्रदेश अध्यक्ष राजेश राम ने स्पष्ट किया कि इस शिविर का उद्देश्य गांधी जी की विचारधारा को पुनर्जीवित करना है। उन्होंने कहा कि जिस तरह बापू ने बिना हथियार उठाए सत्य और अहिंसा के बल पर अंग्रेजों को झुकाया, वही विचारधारा कांग्रेस की नींव है। वर्तमान समय में नफरत की राजनीति का मुकाबला गांधीवादी मूल्यों से ही संभव है। पटना के बाद, यह ट्रेनिंग प्रोग्राम अब जिला और प्रखंड स्तर पर भी आयोजित किया जाएगा ताकि गांव-गांव तक कांग्रेस का यह ‘सर्वोदय संदेश’ पहुंच सके।