अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने गुरुवार (23 अप्रैल) को जानकारी दी है कि ईरान की नाकेबंदी के दौरान अमेरिकी सेना ने 31 समुद्री जहाजों को पोर्ट पर वापस जाने के लिए मजबूर कर दिया है. सेना के अधिकारियों के अनुसार, इनमें से ज्यादातर जहाज तेल के टैंकर थे. सोशल मीडिया पर जारी एक अपडेट में CENTCOM ने बताया कि इस कार्रवाई के दौरान उन्हें काफी सहयोग मिला है और रोकने के बाद ज्यादातर जहाजों ने अमेरिकी निर्देशों का पालन किया है. 

U.S. सेंट्रल कमांड के मुताबिक, अमेरिका ने ईरान के खिलाफ नाकेबंदी के तहत 31 जहाजों को लौटाया. स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में ट्रैफिक सामान्य होने की उम्मीद बेहद कम है.

अमेरिका ने ईरान के खिलाफ अपनी समुद्री नाकेबंदी और कड़ी कर दी है. U.S. सेंट्रल कमांड के मुताबिक, नेवी ने अब तक 31 जहाजों को रास्ते से वापस लौटने या बंदरगाह पर जाने के लिए मजबूर किया गया है. अमेरिका की यह नाकेबंदी 13 अप्रैल से शुरू हुई थी, जिसका मकसद ईरान से जुड़े समुद्री व्यापार को रोकना है. CENTCOM ने साफ कहा है कि किसी भी जहाज को ईरानी बंदरगाहों में जाने या वहां से निकलने की इजाजत नहीं है.

CENTCOM के मुताबिक, यह नियम सिर्फ मिडिल ईस्ट तक सीमित नहीं है, बल्कि अन्य इलाकों में भी लागू किया जा रहा है. जिन जहाजों को रोका गया है, उनमें ज्यादातर तेल टैंकर हैं और अधिकतर ने अमेरिकी आदेश मान लिया है. इस ऑपरेशन को लागू करने के लिए अमेरिका ने बड़ी सैन्य ताकत लगाई है. इसमें 10,000 से ज्यादा सैनिक, 100 से ज्यादा फाइटर और निगरानी विमान और 17 से ज्यादा युद्धपोत शामिल हैं. इन में एयरक्राफ्ट कैरियर, गाइडेड मिसाइल डेस्ट्रॉयर, जहाज, ड्रोन, रिफ्यूलिंग विमान और निगरानी विमान शामिल हैं.

इस नाकेबंदी का सबसे बड़ा असर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर पड़ा है. हालात सामान्य होने की उम्मीद फिलहाल बहुत कम है. 30 जून तक होर्मुज में ट्रैफिक सामान्य होने की संभावना लगभग शून्य मानी जा रही है. एक्सपर्ट्स का कहना है कि यह नाकेबंदी सिर्फ सैन्य कदम नहीं, बल्कि ईरान पर आर्थिक दबाव बनाने की रणनीति है. भले ही सीजफायर की अवधि बढ़ाई गई हो, लेकिन बातचीत में कोई ठोस नतीजा नहीं निकला है.

CENTCOM अमेरिकी सेना का वह खास हिस्सा है जो मिडिल ईस्ट (पश्चिमी एशिया और मिस्र जैसे इलाके) में सुरक्षा और सैन्य अभियानों की जिम्मेदारी संभालता है. मिडिल ईस्ट दुनिया का वह हिस्सा है जहां एशिया, अफ्रीका और यूरोप मिलते हैं और यह इलाका अपने तेल के भंडार और प्राचीन इतिहास के लिए पूरी दुनिया में जाना जाता है.

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