वीरेंद्र कुमार, नालंदा। बिहार समेत देश भर में पड़ रही भीषण गर्मी के बीच नालंदा जिले के पोआरी पंचायत का वार्ड नंबर 13 इन दिनों पानी के लिए त्राहिमाम कर रहा है। सरकार की महत्वाकांक्षी हर घर नल-जल योजना यहां पूरी तरह फेल साबित होती दिख रही है। हालत यह है कि पिछले 20 दिनों से करीब 250 घरों में पानी की एक बूंद तक नहीं पहुंची है।

जलापूर्ति पूरी तरह से ठप

ग्रामीणों का आरोप है कि लाखों रुपये खर्च कर बनाई गई जलमीनार और पाइपलाइन सिर्फ दिखावा बनकर रह गई है। मोटर, स्टार्टर, वायरिंग और सॉकेट जल जाने के कारण जलापूर्ति पूरी तरह ठप हो चुकी है। लेकिन जिम्मेदार अधिकारी और ठेकेदार अब तक चुप्पी साधे हुए हैं।

गांव में ज्यादातर गरीब परिवार रहते हैं। कुछ घरों में ही चापाकल है, बाकी लोग दूर-दूर से पानी लाने को मजबूर हैं। सबसे ज्यादा परेशानी महिलाओं और बेटियों को हो रही है। नहाने और कपड़े धोने के लिए उन्हें दूर जाना पड़ रहा है, जहां उन्हें शर्मिंदगी तक झेलनी पड़ रही है।

डेढ़ महीने पहले भी खराब हुई थी मोटर

आक्रोशित ग्रामीणों का कहना है कि यह पहली बार नहीं है। डेढ़ महीने पहले भी मोटर खराब हुई थी, लेकिन स्थायी समाधान नहीं किया गया। इतना ही नहीं, मोटर चालू करने के दौरान लोगों को करंट लगने की घटना भी सामने आई है, जिसमें लोग बाल-बाल बचे। इस पंप से गांव के लगभग ढाई सौ घरों और एक आंगनबाड़ी केंद्र (जहां करीब 40 बच्चे नामांकित हैं) को पानी सप्लाई होता है। अब इन सभी के सामने बड़ा संकट खड़ा हो गया है।

समाधान नहीं होने पर घेराव की चेतावनी

आक्रोशित ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि अगर जल्द समस्या का समाधान नहीं हुआ, तो वे बिहारशरीफ कलेक्टर कार्यालय का घेराव करेंगे और मुख्यमंत्री से मिलकर शिकायत करेंगे। वहीं, इस मामले पर हरनौत के बीडीओ डॉ. पंकज कुमार ने कहा है कि उन्हें अभी तक शिकायत नहीं मिली थी, लेकिन अब पीएचईडी विभाग को जांच के निर्देश दिए जाएंगे और जल्द पानी बहाल किया जाएगा।

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