बैंकिंग सेक्टर पर 'Mythos' का साया, इससे क्यों है खतरा

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने गुरुवार को सार्वजनिक और निजी क्षेत्र के बैंकों के प्रमुखों के साथ एक उच्च-स्तरीय बैठक की.

इस दौरान Anthropic के Claude Mythos मॉडल और इसके संभावित साइबर सुरक्षा जोखिमों के बारे में बातें कीं.

Claude Mythos को साइबर सुरक्षा के मामले में सबसे उन्नत AI मॉडल होने का दावा किया जाता है.

X पर वित्त मंत्रालय के ऑफिशियल अकाउंट में बताया गया कि निर्मला सीतारमण ने हितधारकों को Claude Mythos के संभावित प्रभाव के प्रति आगाह किया.

पोस्ट में कहा गया कि Mythos के कई अभूतपूर्व खतरे हैं, जिसके लिए वित्तीय संस्थानों और बैंकों के बीच बहुत उच्च स्तर की सतर्कता, तत्परता और बेहतर समन्वय की आवश्यकता है.

Anthropic नाम की एक कंपनी का बनाया गया अब तक का सबसे शक्तिशाली AI मॉडल है.

कंपनी के मुताबिक, यह मॉडल साइबर सुरक्षा में इतना माहिर है कि इसे आम लोगों की पहुंच से बाहर रखा जा रहा है.

कंपनी का कहना है कि Mythos बैंकिंग सिस्टम में साइबर सिक्योरिटी से जुड़ी ऐसी छोटी-मोटी खामियों या दरारों को ढूंढ़कर निकालने में माहिर है, जो इंसानी पकड़ से बाहर है.

1990 के दशक में जब इंटरनेट और ऑपरेटिंग सिस्टम बन रहे थे, तब सुरक्षा पर उतना गौर नहीं फरमाया गया था.

अब यहीं कमियां पुराने कोड के अंदर दबी हुई हैं, जिन्हें Mythos AI निकाल सकता है. यह पुराने ऑपरेटिंग सिस्टम या वेब ब्राउजर की गहराई में जाकर जांच करने में सक्षम है.

Anthropic ने कहा है कि इसे बड़े पैमाने पर उपलब्ध कराना किसी भी ऐसे व्यक्ति के हाथ में उन्नत हैकिंग क्षमताएं सौंपने जैसा होगा जिसके पास लैपटॉप है.