मुकेश मेहता, बुधनी। मध्य प्रदेश के बुधनी विधानसभा की भेरुंदा तहसील अंतर्गत बाबरी घाट सीलकट पर इन दिनों नाव संचालन में भारी लापरवाही सामने आ रही है। जबलपुर के बरगी बांध में हुए दर्दनाक हादसे के बाद भी प्रशासन ने कोई सबक नहीं लिया है और यहां खुलेआम यात्रियों की जान से खिलवाड़ किया जा रहा है।

घाट पर नावों में क्षमता से कई गुना अधिक यात्रियों को बैठाया जा रहा है, वहीं ट्रैक्टर, कार और भारी बाइक जैसे वाहनों को भी नावों पर लादकर पार कराया जा रहा है। सुरक्षा के नाम पर कोई इंतजाम नहीं है, न लाइफ जैकेट, न लाइफ बॉय और न ही मोटर चालित नावों में अनिवार्य अग्निशमन यंत्र मौजूद है।

स्थिति और भी गंभीर इसलिए है क्योंकि घाट पर न तो कोई चेतावनी बोर्ड लगा है और न ही आपात स्थिति से निपटने के लिए गोताखोर या बचाव दल तैनात है। स्थानीय यात्रियों का कहना है कि इस तरह ओवरलोडेड नावों में सफर करना जान जोखिम में डालने जैसा है, लेकिन मजबूरी में उन्हें यही रास्ता अपनाना पड़ रहा है।

अब सवाल यही है कि क्या प्रशासन समय रहते कार्रवाई करेगा या फिर किसी बड़े हादसे के बाद ही जिम्मेदारों की नींद खुलेगी। फिलहाल बाबरी घाट पर हर दिन सैकड़ों लोगों की जान खतरे में बनी हुई है।

बता दें कि हाल ही में जबलपुर के बरगी डैम में बोट डूबने से 11 सैलानियों की मौत हुई है। मृतकों में बड़ी संख्या में महिलाएं और बच्चे शामिल हैं। इस हादसे में लापता 2 अन्य लोगों की तलाश जारी है।

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