विकास कुमार, सहरसा। नगर निगम कार्यालय में चल रही विभिन्न विकास योजनाओं और प्रशासनिक कार्यप्रणाली में वित्तीय या प्रक्रियागत अनियमितताओं की शिकायतों के बीच शुक्रवार को एक बड़ा प्रशासनिक घटनाक्रम देखने को मिला। पटना से आई चार सदस्यीय उड़नदस्ता (फ्लाइंग स्क्वाड) टीम ने स्थानीय वरीय अधिकारियों के साथ मिलकर सहरसा नगर निगम कार्यालय में अचानक छापेमारी की और सघन जांच अभियान चलाया।
उच्चस्तरीय अधिकारियों की मौजूदगी में शुरू हुई कार्रवाई
इस उच्चस्तरीय जांच अभियान की कमान राज्य मुख्यालय और स्थानीय प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों के हाथों में रही। जांच टीम में सहरसा के अपर समाहर्ता (एडीएम) निशांत कुमार, मुख्यालय पुलिस उपाधीक्षक (डीएसपी-2) कमलेश्वर प्रसाद सिंह तथा सदर अनुमंडल पदाधिकारी (एसडीओ) श्रेयांस तिवारी मुख्य रूप से शामिल थे।
अधिकारियों की इस संयुक्त टीम के नगर निगम परिसर में प्रवेश करते ही पूरा माहौल प्रशासनिक सरगर्मी से भर गया। टीम ने सीधे संबंधित विभागों का रुख किया और वहां मौजूद कर्मियों से जवाब-तलब शुरू कर दिया।

योजनाओं की फाइलों और दस्तावेजों का खंगाला गया रिकॉर्ड
जांच के दौरान उड़नदस्ता टीम ने मुख्य रूप से नगर निगम क्षेत्र में चल रही और पूर्व में पूरी हो चुकी विकास योजनाओं की फाइलों को अपने कब्जे में लिया। अधिकारियों ने सरकारी योजनाओं के आवंटन, प्राक्कलन (एस्टिमेट) और भुगतान से जुड़ी महत्वपूर्ण संचिकाओं (फाइलों) का बारीक निरीक्षण किया।
दस्तावेजों में दर्ज आंकड़ों और जमीनी हकीकत का मिलान करने के लिए टीम ने संबंधित लिपिकों और तकनीकी पदाधिकारियों से लंबी पूछताछ की तथा आवश्यक रिकॉर्ड दर्ज किए।
निगम कर्मचारियों में मची खलबली, रिपोर्ट का इंतजार
उड़नदस्ता टीम की इस अचानक हुई कार्रवाई के बाद नगर निगम के अधिकारियों और कर्मचारियों के बीच हड़कंप का माहौल कायम हो गया। कई विभागों में आनन-फानन में कागजातों को व्यवस्थित किया जाने लगा।
हालांकि, घंटों चली इस प्राथमिक जांच के बाद अधिकारियों की ओर से मीडिया या सार्वजनिक रूप से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। अधिकारियों का कहना है कि जांच प्रक्रिया पूरी होने के बाद विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर वरिष्ठ स्तर पर सौंपी जाएगी, जिसके आधार पर आगे की कानूनी या प्रशासनिक कार्रवाई तय होगी।

