राउरकेला: ओडिशा के राउरकेला स्थित सरकारी सर्किट हाउस से अवैध हथियार बरामद होने और आरोपी की गिरफ्तारी के बाद राजनीतिक विवाद गहरा गया है. इस मामले में केंद्रीय जनजातीय कार्य मंत्री जुएल ओराम के पूर्व प्रतिनिधि और भाजपा के निलंबित नेता प्रकाश (राकेश) पासवान की गिरफ्तारी के बाद विपक्ष हमलावर हो गया है. कांग्रेस ने मामले की निष्पक्ष जांच और मीडिया में दिए गए आपत्तिजनक बयानों को लेकर केंद्रीय मंत्री जुएल ओराम के इस्तीफे की मांग की है.
कांग्रेस की जिला युवा, छात्र और महिला इकाइयों ने राउरकेला के उदितनगर स्थित आंबेडकर चौक पर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया. कांग्रेस नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि केंद्रीय मंत्री अपने पद से तुरंत इस्तीफा नहीं देते हैं, तो आने वाले दिनों में आंदोलन को और तेज किया जाएगा.
जिला कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष ज्ञानेंद्र दास ने केंद्रीय मंत्री पर तीखा हमला बोला. उन्होंने कहा कि खुद को एक मजबूत आदिवासी नेता बताने वाले जुएल ओराम ने सुंदरगढ़ के आदिवासियों के विकास के लिए कोई ठोस काम नहीं किया है. ज्ञानेंद्र दास ने कहा, “वह मीडिया के सामने जो चुनौतियां दे रहे हैं, उसके जवाब में हम उन्हें चुनौती देते हैं कि वे दोबारा चुनाव लड़कर दिखाएं. क्षेत्र की जनता चुनाव में उन्हें इसका मुंहतोड़ जवाब देगी.”
इतने बड़े और संवेदनशील मामले के बाद भी स्थानीय बीजू जनता दल के पूरी तरह शांत रहने को लेकर चर्चाएं गर्म हैं. वहीं, दूसरी ओर यह भी चर्चा है कि भाजपा के भीतर ही एक गुट केंद्रीय मंत्री जुएल ओराम की स्थिति को कमजोर करने में लगा हुआ है.
गौरतलब है कि 15 अगस्त को राउरकेला सर्किट हाउस के एक कमरे से अवैध असलहा बरामद हुआ था, जिसे प्रकाश पासवान के नाम पर बुक कराया गया था. बिहार से पासवान की गिरफ्तारी के बाद केंद्रीय मंत्री ने कहा था कि यदि उनका सहयोगी दोषी पाया जाता है तो कानून के अनुसार कार्रवाई होनी चाहिए, लेकिन साथ ही उन्होंने यह आरोप भी लगाया था कि कुछ लोग उनके खिलाफ राजनीतिक साजिश रच रहे हैं.
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