कुंदन कुमार, पटना। नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने संगठित भ्रष्टाचार, रिकार्डतोड़ महंगाई और सरकारी उदासीनता से परेशान जन वितरण प्रणाली विक्रेताओं (PDS) की मांगों को लेकर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को पत्र लिखा है। सीएम को पत्र लिखते हुए तेजस्वी यादव ने सरकार से संवेदनशीलता और पारदर्शिता के साथ PDS के हितों और व्यवस्था सुधार के लिए अविलंब उनकी मांगों को सुन, समस्याओं का समाधान करने की मांग की।

PDS विक्रेताओं को भुगतान करने की मांग

तेजस्वी यादव ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को लिखे पत्र में लिखा, जन वितरण प्रणाली के विक्रेता राज्य की सार्वजनिक वितरण व्यवस्था की महत्वपूर्ण कड़ी है। वे कठिन परिस्थितियों में भी लाखों गरीब एवं जरूरतमंद परिवारों तक खाद्यान्न पहुंचाने का कार्य करते हैं। इसके बावजूद लंबे समय से उनकी आर्थिक एवं प्रशासनिक समस्याओं का समाधान नहीं किया जाना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है। तेजस्वी ने कहा कि, रिकॉर्ड तोड़ महंगाई, बढ़ती प्रशासनिक कठिनाइयों, कमीशन के भुगतान में विलंब तथा तकनिकी समस्याओं के कारण PDS विक्रेताओं के सामने गंभीर आर्थिक संकट उत्पन्न हो गया है।

तेजस्वी यादव की प्रमुख मांगें निम्नलिखित हैं-

  • गुजरात की तर्ज पर PDS विक्रेताओं को न्यूनतम ₹30,000 प्रतिमाह निश्चित मानदेय प्रदान किया जाए।
  • झारखंड की तर्ज पर अनुकंपा नियुक्ति की समय सीमा समाप्त करते हुए पात्र आश्रितों को अनुकंपा के आधार पर नियुक्ति का प्रावधान सुनिश्चित किया जाए।
  • पिछले छह माह से एक वर्ष तक लंबित कमीशन का तत्काल भुगतान किया जाए। कमीशन का भुगतान लंबित रहने से हजारों PDS विक्रेताओं एवं उनके परिवारों के समक्ष गंभीर आर्थिक संकट उत्पन्न हो गया है।
  • विधानसभा चुनाव से पूर्व PDS विक्रेताओं के कमीशन में ₹47 की वृद्धि की घोषणा की गई थी। एक वर्ष बीत जाने के बावजूद यदि उक्त बढ़ी हुई राशि का भुगतान नहीं हुआ है तो उसे तत्काल प्रभाव से लागू कर बकाया राशि का भुगतान कराया जाए।
  • बिहार राज्य खाद्य निगम (BSFC) के गोदामों में कथित भ्रष्टाचार, अनियमितता एवं घटतौली की शिकायतों पर कठोर कार्रवाई की जाए तथा पूरी व्यवस्था को पारदर्शी बनाया जाए।
  • माप-तौल, घटतौली, ई-पॉस मशीन, सर्वर एवं अन्य समस्याओं का रियल टाइम समाधान सुनिश्चित किया जाए, ताकि तकनिकी खामियों का खामियाजा PDS विक्रेताओं और लाभुकों को न भुगतना पड़े।
  • PDS व्यवस्था से संबंधित अनावश्यक प्रशासनिक दबाव एवं दंडात्मक कार्रवाई पर रोक लगाते हुए विक्रेताओं की वास्तविक समस्याओं के समाधान के लिए जिला एवं प्रखंड स्तर पर प्रभावी शिकायत निवारण व्यवस्था बनाई जाए।
  • PDS विक्रेताओं की समस्याओं के स्थायी समाधान के लिए सरकार, विभागीय अधिकारियों एवं फेयर प्राइस डीलर्स एसोसिएशन के प्रतिनिधियों की नियमित त्रिपक्षीय बैठक आयोजित की जाए।
  • अतः आग्रह है कि PDS विक्रेताओं की आठ सूत्री मांगों पर तत्काल सकारात्मक एवं समयबद्ध निर्णय लिया जाए। मुझे विश्वास है कि बिहार सरकार PDS विक्रेताओं की जायज मांगों पर संवेदनशीलता एवं गंभीरता से विचार करते हुए शीघ्र समाधान की दिशा में ठोस कदम उठाएगी।

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