गुड़गांव। गुड़गांव के सेक्टर-70 स्थित ट्यूलिप सोसाइटी के पास पीजी में रहने वाली एक आर्टिस्ट और उसकी सहेली के साथ देर रात अभद्रता, गाली-गलौज और उनका पीछा करने का मामला सामने आया है। पीड़िता का कहना है कि इस घटना ने महिला सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। हैरान करने वाली बात यह है कि इस कृत्य में एक युवती भी शामिल थी। युवतियों ने स्कॉर्पियो सवारों से बचने के लिए करीब 15 मिनट तक एक सोसाइटी में छिपकर अपनी जान बचाई। घटना की पूरी दास्तां सोशल मीडिया पर साझा किए जाने के बाद गुड़गांव पुलिस हरकत में आई और मामले की जांच शुरू कर दी है।
रास्ता पूछने के बहाने शुरू हुई बदसलूकी
पीड़िता के मुताबिक, वह अपनी रूममेट के साथ बुधवार रात करीब पौने 9 बजे खाना खाने के बाद टहलने निकली थी। रात करीब सवा 10 बजे मेहंदी लगवाकर वापस पीजी लौटते वक्त मार्केट के पास एक स्कॉर्पियो रुकी, जिसमें करीब 25 साल की युवती और 45 साल का व्यक्ति सवार था। उन्होंने रास्ता और लग्जरी पीजी के बारे में पूछा। रूममेट ने ब्रोकर का नंबर देकर मदद की, जिसके बाद उन्होंने पर्सनल सवाल पूछने शुरू कर दिए। आरोपी ने पूछा कि गुड़गांव में रहते हुए वे अपना खर्च कैसे मैनेज करती हैं और खुद को शक्तिशाली बताते हुए नौकरी व रुपए देने की बात कहने लगी। आरोपी ने शराब पी हुई थी और वह उन्हें 500 रुपए का नोट देते हुए डिग्गी में रुपयों से भरा बैग होने की बात कहने लगा। जब युवतियों ने उन्हें ‘अंकल’ कहकर जाने की बात कही, तो दोनों भड़क गए।
पानी की मदद के बाद शुरू हुआ दबाव
इसी दौरान गाड़ी में बैठी युवती को उल्टी होने लगी, तो आरोपी ने पानी मंगाने को कहा। युवतियों ने एक व्यक्ति की मदद से पानी मंगवाया और बीमार युवती की सहायता की। पानी के पैसे देने पर आरोपी भड़क गया और पानी लाने वाले व्यक्ति को गाली देते हुए जबरन उसकी जेब में 500 रुपए डाल दिए। इसके बाद आरोपियों ने दोनों युवतियों को जबरन गाड़ी में बैठा लिया और खाना खाने के लिए चलने का दबाव बनाने लगे। गाड़ी में बैठते वक्त युवतियों ने आधा शीशा खोल लिया ताकि जरूरत पड़ने पर वे कूद सकें। मोमोज की दुकान के पास रुकने पर जब वे नीचे उतरीं और पैसे वापस किए, तो आरोपी का अहंकार आहत हो गया और वह भला-बुरा कहने लगा।
सोसाइटी में छिपीं और पीजी के बाहर खड़े रहे आरोपी
मौका पाकर दोनों युवतियां वहां से भागीं और ट्यूलिप सोसाइटी के पास पहुंचकर लगभग 15 मिनट तक अंधेरे में छिपी रहीं। कुछ देर बाद जब स्कॉर्पियो नजर नहीं आई, तो वे बाहर निकलकर अपने पीजी की ओर बढ़ीं, लेकिन आरोपियों ने दोबारा उनका पीछा करना शुरू कर दिया। वे किसी तरह पीजी के पास पहुंचीं और अंदर गईं। सहेली के बाहर रह जाने पर उन्होंने पीजी के युवकों की मदद ली। इसके बाद आरोपी अपनी गाड़ी लेकर करीब 30 मिनट तक उनके पीजी के बाहर खड़े रहे। घबराहट के कारण वे गाड़ी का नंबर नोट नहीं कर पाईं और डर के मारे सुबह 6 बजे तक सो नहीं सकीं। अगले दिन सुबह अज्ञात नंबर से फोन आने और दोपहर में ‘सॉरी’ का मैसेज आने के बाद उन्होंने अपनी खौफनाक दास्तां सोशल मीडिया पर साझा की, जिसके बाद पुलिस ने कार्रवाई शुरू की है।
Follow the LALLURAM.COM MP channel on WhatsApp
https://whatsapp.com/channel/0029Va6fzuULSmbeNxuA9j0m

