सुभाष चंद्रा के व्यक्तिगत दिवालिया मामले में मुश्किलें बढेंगी या मिलेगी राहत, इसका फैसला आज मंगलवार 5 सदस्यीय NCLT बेंच सुनवाई कर बताएगी. न्यायाधिकरण के इतिहास में पहली बार गठित पांच सदस्यीय पीठ की अध्यक्षता अध्यक्ष न्यायमूर्ति अनूपिंदर सिंह ग्रेवाल करेंगे. दो सदस्यीय बेंच में सहमति नहीं बनने के बाद ₹6.25 करोड़ के रिपेमेंट प्लान पर अब नई बेंच आज मंगलवार 1 सितंबर 2026 को 10:15 बजे सुनवाई करेगी.

इससे पहले NCLT की दो सदस्यीय बेंच में ज्यूडिशियल मेंबर अशोक कुमार भारद्वाज और टेक्निकल मेंबर रीना सिन्हा पुरी शामिल थीं. दोनों के विचार अलग थे.

नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल ने सोमवार को सुभाष चंद्र की व्यक्तिगत दिवालिया प्रक्रिया से जुड़े मामले में पांच सदस्यीय बेंच बनाई. यह बेंच 6.5 करोड़ रुपए के भुगतान पर फैसला करेगी. दो सदस्यीय पीठ में आम सहमति न बन पाने के बाद न्यायाधिकरण के इतिहास में ऐसा पहली बार यह कदम उठाया गया है. यह पूरा मामला करीब 22,000 करोड़ रुपये से अधिक के ऋणदाताओं के दावों से संबंधित है.

NCLT की प्रिंसिपल बेंच आज मंगलवार को सुनवाई शुरू करेगी. मामला नए सिरे से सुनवाई के लिए NCLT के अध्यक्ष के पास भेजा गया था. बेंच की अध्यक्षता प्रेसिडेंट जस्टिस अनूपिंदर सिंह ग्रेवाल करेंगे. दो सदस्यीय पीठ के बहुमत के फैसले पर नहीं पहुंच पाने के कारण पांच सदस्यीय बेंच का यह कदम उठाया गया.

इस मामले में पहली बार 3 सितंबर 2025 को दोनों सदस्यों ने अलग-अलग फैसला दिया था. अशोक कुमार भारद्वाज ने सुभाष चंद्रा की 6.25 करोड़ रुपये की रीपेमेंट योजना को मंजूरी दी थी. अशोक कुमार भारद्वाज ने अपने आदेश में कहा था कि योजना सिर्फ उन लेनदारों पर लागू होगी, जिन्होंने इसके पक्ष में वोट दिया है. ऐसे लेनदार करीब 80.8% थे.

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