अनुज कुमार पांडेय, गोपालगंज। जिले में उत्तर बिहार और उत्तर प्रदेश को जोड़ने वाले गंड़क नदी पर बने महत्वपूर्ण जादोपुर-मंगलपुर पुल के स्पैन में खराबी आने के बाद जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। गंडक नदी पर बने इस महासेतु के स्पैन के बीच अचानक बड़ा गैप आने की सूचना मिलने के बाद प्रशासन ने एहतियातन भारी वाहनों के परिचालन पर पूरी तरह रोक लगा दी है।
विशेषज्ञों की टीम ने किया मुआयना
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए एनआईटी पटना और पुल निगम के विशेषज्ञों की एक संयुक्त तकनीकी टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच की है। जांच के बाद विशेषज्ञों ने बताया कि स्पैन के बीच बढ़े गैप को और अधिक फैलने से रोकने के लिए तुरंत स्टील प्लेट लगाने की आवश्यकता है। विशेषज्ञों की सलाह पर सुरक्षा के मद्देनजर पुल के दोनों तरफ लोहे की मजबूत बैरिकेडिंग कर दी गई है और प्रशासन द्वारा इसकी चौबीसों घंटे मॉनिटरिंग की जा रही है।
पुल की वर्तमान स्थिति पर बात करते हुए गोपालगंज के जिलाधिकारी पवन कुमार सिन्हा ने कहा कि पुल का पूरा स्ट्रक्चर कंक्रीट से निर्मित है, इसलिए बढ़े हुए गैप को वापस कम करना तकनीकी रूप से संभव नहीं है। हालांकि, स्टील प्लेट लगाने से पुल में होने वाला कंपन नियंत्रित हो जाएगा और पुल सुरक्षित तरीके से काम करता रहेगा।
20 दिनों में मरम्मत का दावा
प्रशासन का मानना है कि यदि समय रहते कदम नहीं उठाए जाते, तो स्पैन का गैप बढ़ने से पुल को गंभीर क्षति पहुंच सकती थी। जिला प्रशासन ने दावा किया है कि अगले 20 दिनों के भीतर मरम्मत का कार्य पूरा कर लिया जाएगा, जिसके बाद भारी वाहनों का परिचालन फिर से सामान्य हो सकेगा। यह पुल व्यावसायिक और पर्यटन के दृष्टिकोण से बेहद खास माना जाता है। उत्तर प्रदेश के गोरखपुर, देवरिया, कुशीनगर सहित सिवान और गोपालगंज से रोजाना सैकड़ों वाहन बेतिया, वाल्मीकिनगर, बगहा और नेपाल के लिए इसी मार्ग से गुजरते हैं। वर्तमान में भारी वाहनों की नो-एंट्री के कारण स्थानीय व्यापार और माल ढुलाई पर काफी बुरा असर पड़ रहा है।
549 करोड़ की लागत से बना था महासेतु
गौरतलब है कि बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने 549 करोड़ रुपये की भारी-भरकम लागत से इस महत्वाकांक्षी पुल का निर्माण कराया था, जिसका उद्घाटन मार्च 2016 में हुआ था। उद्घाटन के महज एक दशक के भीतर ही पुल के स्पैन में आई इस बड़ी तकनीकी खराबी ने अब पुल निर्माण की गुणवत्ता और प्रशासन के सामने एक बड़ी चुनौती खड़ी कर दी है।
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