गुरुग्राम। ऑनलाइन बेटिंग और गेमिंग ऐप के जरिए लोगों को ठगी का शिकार बनाने वाले गिरोह का गुरुग्राम साइबर थाना पुलिस ने पर्दाफाश किया है। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जो पिछले पांच महीनों में ढाई करोड़ रुपये से ज्यादा की रकम का लेनदेन कर चुके थे।

साइबर क्राइम साउथ के एसीपी गौरव फौगाट ने बताया कि पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि सेक्टर-37डी स्थित सिग्नेचर ग्लोबल सोसाइटी के एक फ्लैट में ऑनलाइन गेमिंग और बेटिंग के नाम पर अवैध गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने मौके पर छापा मारा और चार युवकों को गिरफ्तार कर लिया।

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान चरखी दादरी निवासी आदित्य, महेंद्रगढ़ निवासी कपिल, आगरा निवासी सन्नी चाहर और मथुरा निवासी सूरज राजपूत के रूप में हुई है।

पूरा रैकेट ऐसे करता था काम
जांच में सामने आया कि आदित्य ऑनलाइन गेमिंग ऐप का पैनल ऑपरेट करता था, जबकि कपिल का बैंक अकाउंट ट्रांजेक्शन के लिए इस्तेमाल किया जाता था। वहीं सन्नी और सूरज को ऐप संचालन के लिए नौकरी पर रखा गया था।

छापेमारी के दौरान पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 15 मोबाइल फोन, 2 लैपटॉप, 15 एटीएम कार्ड, 11 चेकबुक और पासबुक, इंटरनेट राउटर और पेमेंट साउंड बॉक्स बरामद किए हैं।

“रेडी अन्ना 888” नाम से चलता था बैटिंग एप
पुलिस जांच में पता चला कि “रेडी अन्ना 888” नाम से बेटिंग ऐप चलाई जा रही थी। इस ऐप के जरिए लोगों को ऑनलाइन गेम खेलने के लिए आकर्षित किया जाता था। खिलाड़ी वेबसाइट पर अपनी आईडी बनाकर QR कोड के माध्यम से पैसे जमा करते थे, जिसके बाद उनकी गेमिंग आईडी में पॉइंट जोड़े जाते थे।

आरोपियों को हर ट्रांजेक्शन पर करीब 20 प्रतिशत कमीशन मिलता था। पुलिस ने जब बैंक खातों की जांच की तो सामने आया कि सिर्फ पांच महीनों में ही करीब ढाई करोड़ रुपये का लेनदेन किया गया।

जयपुर से जुड़े हैं तार
प्रारंभिक जांच में इस पूरे नेटवर्क के तार जयपुर से जुड़े मिले हैं। आरोपियों को बैंक अकाउंट किट, सिम कार्ड और QR कोड व्हाट्सएप के जरिए उपलब्ध कराए जाते थे। पुलिस अब इस गिरोह के मास्टरमाइंड और अन्य जुड़े लोगों की तलाश में जुटी हुई है।

साइबर पुलिस के अनुसार, यह ऐप कई ऑनलाइन गेम्स में बेटिंग के लिए इस्तेमाल की जा रही थी। पुलिस कमिश्नर शिवास कबिराज ने ऐसे साइबर नेटवर्क पर कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।