ऑपरेशन सिंदूर को एक साल पूरा होने वाला है. पहलगाम हमले के बाद भारतीय सेना ने पाकिस्तान में घुसकर आतंकी ठिकानों को तबाह किया था. 22 अप्रैल 2025 को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में आतंकियों ने 26 बेकसूर लोगों की हत्या कर दी थी। पाकिस्तानी सेना प्रमुख असीम मुनीर और प्रधानमंत्री शाहबाज शरीफ ने 10 मई को “जीत का जश्न” मनाने का ऐलान किया है और जश्न की कमान मिली है लश्कर-ए-तैयबा जैसे आतंकी संगठनों के हाथों में.
एक रिपोर्ट के अनुसार, पाकिस्तानी सेना प्रमुख असीम मुनीर और प्रधानमंत्री शाहबाज शरीफ ने 10 मई को “जीत का जश्न” मनाने का ऐलान किया है.
ऑपरेशन सिंदूर के एक साल पूरे होने पर पाकिस्तान में जश्न मनाने के ऐलान को लेकर विवाद खड़ा हो गया है. इस पूरे मामले में कुछ तस्वीरें और प्रेस कॉन्फ्रेंस चर्चा में हैं, जिनके आधार पर सेना और कुछ संगठनों के बीच संबंधों को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं।. पाकिस्तान में एक बड़ा और चौंकाने वाला खेल हो रहा है. पाकिस्तानी सेना प्रमुख असीम मुनीर और प्रधानमंत्री शाहबाज शरीफ ने 10 मई को “जीत का जश्न” मनाने का ऐलान किया है.
इस जश्न की कमान लश्कर-ए-तैयबा जैसे आतंकी संगठनों के हाथों में दी गयी है। इस पूरे मामले में एक पोस्टर सामने आया है जो पाकिस्तान सेना और आतंकियों की सांठगांठ को सीधे बेनकाब कर देता है. यह जश्न भारत के खिलाफ कथित “ऑपरेशन सिंदूर” की पहली बरसी पर मनाया जा रहा है, जिसे पाकिस्तानी सेना ने ‘बुनयान-उल-मरसूस’ के हिस्से के रूप में घोषित किया था.
पाकिस्तानी सेना और सरकार ने अपनी जनता को यह नहीं बताया कि वो ऑपरेशन सिंदूर में बुरी तरह पिटे, उल्टा जीत का जश्न मनाया गया और झूठी कहानियां फैलाई गईं. ऐसे में असीम मुनीर और शाहबाज शरीफ ने 10 मई को पाकिस्तान भर में जीत का जश्न मनाने का ऐलान किया है.
अब ऐसे में पाकिस्तान सरकार और सेना ने जिसे जश्न की जिम्मेदारी दी है वह लश्कर-ए-तैयबा जैसे आतंकी संगठनों के हाथों में. लश्कर के आतंकियों ने पाकिस्तान के अलग-अलग शहरों में प्रेस कॉन्फ्रेंस करके 10 मई के जश्न का ऐलान किया. इसमें लश्कर-ए-तैयबा की महिला विंग यानी मुस्लिम वूमेन विंग की आतंकी महिलाएं भी शामिल हैं. इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में आतंकियों के पीछे एक पोस्टर लगा था जो पाकिस्तानी सेना और आतंकियों के रिश्ते को साफ-साफ दिखाता है. पोस्टर के एक तरफ पाकिस्तानी सेना के फील्ड मार्शल असीम मुनीर समेत पाक सेना के अधिकारियों की तस्वीरें हैं. और उसी पोस्टर के दूसरी तरफ लश्कर के टॉप आतंकी सैफुल्ला कसूरी और हाफिज अब्दुल रऊफ की तस्वीरें हैं.
इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में लश्कर-ए-तैयबा के कई बड़े आतंकी नजर आए. सैफुल्ला कसूरी, हाफिज अब्दुल रऊफ और खालिद मसूद जैसे लश्कर के टॉप आतंकी इसमें मौजूद थे. और इन्हीं के बीच में एक और नाम था जो बेहद चौंकाने वाला है. खालिस्तानी आतंकी गोपाल सिंह चावला भी इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में मौजूद था. यानी भारत विरोधी सभी ताकतें एक मंच पर इकट्ठा थीं.
हाफिज अब्दुल रऊफ वही आतंकी है जो ऑपरेशन सिंदूर में मारे गए आतंकियों की नमाज-ए-जनाजा यानी अंतिम संस्कार की नमाज पढ़ा रहा था और उस वक्त पाकिस्तानी सेना के अफसर वहां मौजूद थे. अमेरिका ने इसे घोषित आतंकी करार दिया हुआ है. लेकिन पाकिस्तान में यह खुलेआम प्रेस कॉन्फ्रेंस कर रहा है.
Follow the LALLURAM.COM MP channel on WhatsApp
https://whatsapp.com/channel/0029Va6fzuULSmbeNxuA9j0m
- छत्तीसगढ़ की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें
- उत्तर प्रदेश की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें
- लल्लूराम डॉट कॉम की खबरें English में पढ़ने यहां क्लिक करें
- खेल की खबरें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें
- मनोरंजन की बड़ी खबरें पढ़ने के लिए करें क्लिक

