नीरज काकोटिया, बालाघाट। मध्यप्रदेश के बालाघाट जिले के गढ़ी थाना अंतर्गत ग्राम परसामऊ आवासीय छात्रावास की कक्षा आठवीं की नाबालिग छात्रा द्वारा एक बच्ची को जन्म देने का हैरान करने वाला मामला सामने आया है। मामले में हॉस्टल वार्डन और एएनएम की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं कि हॉस्टल में रहने वाली बच्ची के प्रेग्नेंट होने की जानकारी दोनों को कैसे नहीं लगी?
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ज्यादातर अपने घर पर ही रहती थी
दरअसल यह आवासीय छात्रावास जिला शिक्षा केंद्र के अधीन संचालित है। डीपीसी जीपी बर्मन ने इस मामले में हॉस्टल वार्डन और एएनएम की लापरवाही स्वीकार करते हुए बताया कि आठवीं कक्षा में पढ़ रही पीड़ित छात्रा की तबीयत ठीक नहीं रहती थी। वह ज्यादातर समय अपने घर पर ही रहती थी।
गांव के नाबालिग युवक से थे संबंध
उसने पुलिस में जो बयान दिया है उसके मुताबिक पीड़ित छात्रा के उसी गांव के नाबालिग युवक से शारीरिक संबंध थे। महिला थाना प्रभारी किरण वरकड़े ने भी डीपीसी के बयान की पुष्टि दूरभाष पर की है। फिलहाल साढ़े 13 साल की पीड़ित छात्रा और नवजात बच्ची स्वस्थ और जिला चिकित्सालय के ट्रामा सेंटर में भर्ती हैं।


