चंडीगढ़। सुप्रीम कोर्ट ने शिरोमणि अकाली दल के नेता और पूर्व मंत्री एस. बिक्रम सिंह मजीठिया को जमानत दे दी है। इसके बाद पार्टी के लोगों में खुशी देखने को मिली है। वही मजीठिया के परिवार ने राहत की सांस ली है। पार्टी के मुख्य प्रवक्ता, एडवोकेट अर्शदीप सिंह कलेर ने इस फैसले की जानकारी देते हुए कहा कि मजीठिया पर दर्ज मुकदमे झूठे और राजनीतिक रंजिश से प्रेरित थे।
शिरोमणि अकाली दल के अनुसार, बिक्रम मजीठिया पर आमदनी से अधिक संपत्ति और ड्रग्स से संबंधित झूठे मुकदमे आम आदमी पार्टी सरकार ने दर्ज किए थे। सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया कि सरकार के पास कोई ठोस सबूत नहीं थे और केवल राजनीतिक दबाव के कारण मामले दर्ज किए गए।

सच्चाई की हुई जीत
अकाली दल ने कहा है यह फैसला न्यायपालिका में संविधान की जीत और सच्चाई की जीत है। उन्होंने कहा कि ड्रग केस झूठा है जिस पर साढ़े चार साल चालान पेश नहीं हुआ। फिर आमदन से ज्यादा संपत्ति मामले में आप सरकार के पास कोई सबूत नहीं है।
सुप्रीम कोर्ट ने सरकार की जवाबदेही तय करते हुए यह फैसला सुनाया कि किसी भी व्यक्ति के खिलाफ सबूत के बिना मुकदमा नहीं चलाया जा सकता। राजनीतिक रंजिश बिक्रम मजीठिया के खिलाफ इसलिए कार्रवाई की गई क्योंकि वह सरकार की नीतियों के खिलाफ बोलते हैं। संविधान की एक बार फिर जीत हुई है। पंजाब सरकार को अदालत में मुंह की खानी पड़ी। यह इस बात को साबित करता है कि जो सच है इसकी जीत होती है।
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