सतीश सिंह, लखनऊ. आम आदमी पार्टी (आप) उत्तर प्रदेश ने कृषि तकनीकी सहायक भर्ती में आरक्षण नियमों के उल्लंघन का आरोप लगाते हुए भाजपा सरकार पर पिछड़े, दलित और आदिवासी वर्ग के युवाओं के अधिकारों से खिलवाड़ करने का आरोप लगाया है. पार्टी के अयोध्या प्रांत अध्यक्ष विनय पटेल ने दावा किया कि अधीनस्थ सेवा चयन आयोग की ओर से निकाली गई 2,759 पदों की भर्ती में आरक्षित वर्गों को संवैधानिक प्रावधानों के अनुरूप पद नहीं दिए गए.

शनिवार को पार्टी कार्यालय में प्रेस कांफ्रेंस के दौरान आप ने कहा कि भर्ती में एससी, एसटी और ओबीसी वर्ग को कुल 1,380 पद मिलने चाहिए थे, लेकिन केवल 792 पद आवंटित किए गए, जिससे आरक्षित वर्ग के 588 पद कम हो गए. उन्होंने आरोप लगाया कि ओबीसी को 20 प्रतिशत और एससी को 8 प्रतिशत आरक्षण देकर उनके अधिकारों का हनन किया गया, जबकि ईडब्ल्यूएस का 10 प्रतिशत आरक्षण पूरी तरह लागू रखा गया.

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आप ने इसे संविधान और आरक्षण व्यवस्था के खिलाफ बताते हुए कहा कि भाजपा सरकार पिछड़े और दलित युवाओं के रोजगार के अवसर छीन रही है. उन्होंने कहा कि पार्टी इस मुद्दे को जन-जन तक पहुंचाएगी और जरूरत पड़ने पर आंदोलन भी करेगी. विनय पटेल ने 69 हजार शिक्षक भर्ती का भी उल्लेख करते हुए आरोप लगाया कि उसमें भी आरक्षण नियमों का पालन नहीं किया गया था. इसके अलावा उन्होंने बांदा कृषि विश्वविद्यालय और लखीमपुर सहकारी बैंक की भर्तियों में भी एक विशेष वर्ग को लाभ पहुंचाने का आरोप लगाया.

आप ने भाजपा के सहयोगी दलों के नेताओं पर भी निशाना साधते हुए कहा कि पिछड़े और दलित समाज का प्रतिनिधित्व करने का दावा करने वाले नेता अपने समाज के युवाओं के हितों की रक्षा करने में विफल रहे हैं और सत्ता के लिए चुप्पी साधे हुए हैं. प्रेस वार्ता के अंत में विनय पटेल ने कहा कि प्रदेश का युवा आगामी चुनाव में रोजगार और आरक्षण के मुद्दे पर भाजपा सरकार से जवाब मांगेगा. उन्होंने दावा किया कि आरक्षण से जुड़े मुद्दे चुनाव में अहम विषय बनेंगे और युवा अपने मत के माध्यम से सरकार को जवाब देगा.