सिरसा। इनेलो नेता अभय सिंह चौटाला ने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी पर तीखा हमला बोलते हुए उनकी संपत्ति को लेकर सवाल खड़े किए हैं। चौटाला ने कहा कि मुख्यमंत्री पहले अपने पास ढाई किल्ले जमीन होने की बात कहते थे, लेकिन अब उनके पास कोठियां और फॉर्च्यूनर जैसी गाड़ियां हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि अचानक इतनी संपत्ति कहां से आई और इसका स्रोत क्या है।
अभय चौटाला ने कहा कि वह फिलहाल विधानसभा के सदस्य नहीं हैं, इसलिए सदन के भीतर मुख्यमंत्री से इस बारे में सवाल नहीं पूछ सकते। हालांकि, उन्होंने कहा कि जब भी मुख्यमंत्री सिरसा आएंगे, वह एक आम नागरिक के तौर पर उनके कार्यक्रम में पहुंचकर उनसे सीधे यह सवाल पूछेंगे कि उनके पास अचानक आई इस अकूत संपत्ति का स्रोत क्या है।
इनेलो नेता ने मुख्यमंत्री के जनसंवाद कार्यक्रमों के तरीके पर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री लोगों की समस्याएं सुनते समय ऐसा व्यवहार करते हैं, जैसे कोई हाई कोर्ट का जज फरियादियों से बातचीत कर रहा हो। चौटाला के मुताबिक, लोगों की शिकायतों को सुनने और समाधान की दिशा में आगे बढ़ने के बजाय कई बार शिकायतकर्ता को ही धमकाने की कोशिश की जाती है और अधिकारियों का पक्ष लिया जाता है।
चौटाला ने कहा कि जनता और सरकार के बीच संवाद में इस तरह का भेदभाव उचित नहीं है। उन्होंने इसकी तुलना मुगलकालीन व्यवस्था से करते हुए कहा कि उस दौर में भी शासक और जनता के बीच इसी तरह का अंतर देखने को मिलता था।
अभय चौटाला ने मीडिया की भूमिका को लेकर भी सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने सिरसा में मुख्यमंत्री के कार्यक्रम के दौरान एक मीडियाकर्मी को कथित तौर पर डांटे जाने का हवाला देते हुए पत्रकारों से खुलकर सवाल पूछने और अपनी आवाज उठाने की अपील की। उन्होंने कहा कि अगर मीडिया समय रहते अपनी आवाज नहीं उठाएगा तो उसकी जुबान पर ताले लगाने की स्थिति पैदा हो सकती है।
उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने केवल सिरसा ही नहीं, बल्कि पूरे हरियाणा की मीडिया पर दबाव बना रखा है। चौटाला का दावा है कि चंडीगढ़ में भी मीडिया को मुख्यमंत्री से स्वतंत्र रूप से सवाल पूछने का मौका नहीं मिलता और पत्रकारों को मुख्यमंत्री की बात सुनने तक सीमित किया जा रहा है।
इनेलो नेता ने यह भी आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री से सवाल पूछने से पहले मीडिया को उनके मीडिया एडवाइजर से अनुमति लेनी पड़ती है और अनुमति मिलने के बाद ही तय सवाल पूछे जा सकते हैं। उन्होंने मीडिया से कहा कि पत्रकारिता में सवाल पूछना उसका अधिकार और जिम्मेदारी दोनों है, इसलिए उसे दबाव में नहीं आना चाहिए।
अभय चौटाला ने कहा कि सरकार से सवाल पूछने की जिम्मेदारी केवल विपक्ष की नहीं है, बल्कि मीडिया और आम जनता की भी है। उन्होंने संकेत दिया कि मुख्यमंत्री के सिरसा दौरे के दौरान वह खुद उनसे संपत्ति से जुड़े सवाल उठाएंगे। उनके इस बयान से आने वाले समय में मुख्यमंत्री के सिरसा कार्यक्रम के दौरान राजनीतिक टकराव की संभावना का मुद्दा भी चर्चा में आ गया है।
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