संयुक्त राष्ट्र में भारत ने आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई को लेकर पाकिस्तान पर निशाना साधा. भारत ने एक बार फिर आतंकवाद के मुद्दे पर पाकिस्तान को वैश्विक मंच पर बेनकाब किया है. इस बयान से वैश्विक आतंकवाद के स्पॉन्सर के तौर पर बदनाम पाकिस्तान के झूठ का पर्दाफाश एक बार फिर हो गया है. ओसामा बिन लादेन का नाम लेकर भारत ने पाकिस्तान की आतंकवाद पर पोल खोल दी है. 

भारत ने ओसामा बिन लादेन का उदाहरण देते हुए कहा कि अल-कायदा के बड़े आतंकी किसी दूर-दराज इलाके में नहीं, बल्कि आबादी वाले सुरक्षित ठिकानों में छिपे मिले हैं.

UN में भारत के स्थायी प्रतिनिधि पार्वथनेनी हरीश ने 9/11 के आतंकवादी हमले की मिसाल देते हुए आतंकवाद को दोहरे नजरिए से देखने वालों की आंखे खोल दी हैं. भारत ने अफगानिस्तान की हालत पर चर्चा करते हुए दुनिया को आतंकवाद के खतरे से आगाह किया है.

भारत ने ओसामा बिन लादेन का उदाहरण देते हुए कहा कि अल-कायदा के बड़े आतंकी ओसामा को 2011 में पाकिस्तान के एबटाबाद में अमेरिकी ऑपरेशन में मारा गया था. भारत ने दोहराते हुए कहा कि सिर्फ आतंकियों को मारने और उस पर कारवाई करने से कुछ नहीं होगा. अगर इस सबको जड़ से खत्म करना है तो  उन्हें पनाह और संरक्षण देने वाले नेटवर्क पर भी कार्रवाई जरूरी है.

पार्वथनेनी हरीश ने आगे कहा कि दुर्भाग्य से आतंकवाद का खतरा कम नहीं हुआ है. आतंकवाद की जिस शरण स्थली में बिन लादेन छिपा था, वो आज भी ग्लोबल आतंकी संगठन एलईटी और जेईएम की सुरक्षित पनाहगाह बने हुए हैं.

भारत ने आगे बताया कि कभी जिस तरह सुरक्षित माहौल ओसामा बिन लादेन को मिला, वैसा ही संरक्षण आज भी लश्कर और जैश जैसे प्रतिबंधित संगठनों को दिया जा रहा है. अर्थात आतंकवाद की जिस शरण स्थली में बिन लादेन छिपा था, वो आज भी ग्लोबल आतंकी संगठन एलईटी और जेईएम की सुरक्षित पनाहगाह बने हुए हैं.

भारत ने 9/11 के प्रमुख साजिशकर्ताओं में से एक खालिद शेख मोहम्मद के बारे में बताया कि वो भी पाकिस्तान में एक सामान्य रिहायशी इलाके में छिपा हुआ था.

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