पश्चिम बंगाल में सत्ता परिवर्तन के बाद टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। एक ओर CID ने ‘विधानसभा फर्जी हस्ताक्षर मामले’ की जांच के सिलसिले में उनके आवास पर कानूनी नोटिस चस्पा किया है, वहीं दूसरी ओर उन्हें जनता के भारी विरोध का सामना करना पड़ा है।

24 परगना के सोनारपुर इलाके में अभिषेक बनर्जी के खिलाफ लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। प्रदर्शनकारियों ने ‘चोर-चोर’ के नारे लगाते हुए उन पर अंडों की बौछार कर दी। स्थिति इतनी तनावपूर्ण हो गई कि सुरक्षा के लिए अभिषेक को क्रिकेट हेलमेट पहनना पड़ा। इस दौरान धक्का-मुक्की और हाथापाई की भी खबर है। भीड़ ने उनके कपड़े भी फाड़ दिए। पुलिस ने कड़ी मशक्कत के बाद उन्हें भीड़ से सुरक्षित बाहर निकाला। बता दें कि, अभिषेक पर यह हमला तब हुआ जब वह चुनाव के बाद हिंसा के पीड़ितों से मिलने उनके घर जा रहे थे। उसी वक्त भीड़ ने उन्हें घेर लिया।

कार छोड़ बाइक से जाने के भीड़ ने घेरा

बता दें कि, कार्यकर्ता से मिलने जाने के दौरान भारी विरोध को देखते हुए सांसद अपनी कार छोड़कर बाइक से इलाके के अंदर घुसने लगे। तभी प्रदर्शनकारियों ने पीड़ित के घर से कुछ सौ मीटर पहले ही उन्हें रोक लिया। वहां मौजूद लोगों ने टीएमसी नेता को देखते ही चोर चोर के नारे लगाने शुरू कर दिए। इस दौरान उग्र भीड़ ने सड़क पर दो मोटरसाइकिलें भी फेंक दीं, जिससे वहां अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

स्थानीय लोगों ने क्या कहा?

स्थानीय लोगों ने कहा कि हम लोग मजदूर आदमी हैं। हम लोग कोई पार्टी के नहीं हैं। हम लोगों का रास्ता कभी नहीं बना। जितना पैसा आया, सब खा लिया। हम लोग आज भी परेशान हैं, इसलिए गुस्सा है। एक और शख्स ने कहा कि हम कोई बीजेपी नहीं करते। हम यहीं के रहने वाले हैं। हम दीघा के आदमी हैं। यहां दो कट्ठा जमीन लेकर रहते हैं।

अभिषेक के खिलाफ क्यों फूटा लोगों का गुस्सा?

इस इलाके के सड़क का हाल बुहत खराब है। इस इलाके में करीब एक किलोमीटर तक सड़क की स्थिति बेहद खराब है। बारिश के दौरान यहां पानी भर जाता है। लोगों का कहना है कि जब ममता बनर्जी मुख्यमंत्री थीं, तब कई बार उनसे गुजारिश की गई, आवेदन दिए गए कि सड़कें ठीक कराई जाएं और पानी की सप्लाई व्यवस्था सुधारी जाए। लेकिन लोगों का आरोप है कि उनकी समस्याओं पर कभी ध्यान नहीं दिया गया। उनके मुताबिक, किसी ने उनके बारे में नहीं सोचा।

इसी वजह से जब सांसद होने के नाते अभिषेक बनर्जी यहां पहुंचे, तो लोगों ने सवाल उठाया कि पंद्रह साल से सत्ता में रहने के बावजूद इस इलाके का विकास क्यों नहीं हुआ। इन्हीं मुद्दों को लेकर लोगों में गुस्सा था। उनके खिलाफ लगातार नारेबाजी की गई और उन पर अंडे भी फेंके गए।

“हेलमेट ने मेरी जान बचाई”

इस बीच अभिषेक बनर्जी का भी बयान सामने आया है। उन्होंने कहा कि, उनपर जानलेवा हमला हुआ है और उनकी जान लेने की कोशिश की गई है। उन्होंने पुलिस पर सवाल खड़े करते हुए कहा कि, जिस वक्त हमला हुआ उस समय कोई भी पुलिस वाला मौजूद नहीं था। उन्होंने कहा कि इस हमले में हेलमेट की वजह से उनकी जान बच पाई।

उन्होंने कहा कि यह पूरी घटना BJP द्वारा प्रायोजित थी, “आप देख सकते हैं कि मेरी क्या हालत कर दी गई है। यही उनकी लोकतंत्र की शैली है। आप देख सकते हैं कि कहीं भी पुलिस मौजूद नहीं है। BJP मुझे मार डालना चाहती है।” साथ हि उन्होंने कहा कि, वह इस मुद्दे को लेकर अदालत का रुख करेंगे।

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