कुमार इंदर, जबलपुर। शहर की बेलबाग थाना पुलिस को साइबर अपराध के खिलाफ एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस ने अंतरराज्यीय साइबर ठगी गिरोह के एक सक्रिय सहयोगी को रंगे हाथों दबोचा है। पकड़ा गया आरोपी दूसरे राज्यों में होने वाली साइबर ठगी की रकम को फर्जी बैंक खातों के जरिए ठिकाने लगाने का काम करता था। पुलिस ने आरोपी के पास से भारी मात्रा में एटीएम कार्ड और नगदी जब्त की है।

ठगी का पैसा जबलपुर के खातों में

पुलिस की शुरुआती जांच में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि पकड़े गए आरोपी के बैंक खातों में राजस्थान, महाराष्ट्र और गुजरात में हुई साइबर ठगी की रकम जमा की जा रही थी। यह गिरोह स्थानीय स्तर पर फर्जी दस्तावेज तैयार कर बैंक खाते खुलवाता था और फिर इन खातों को दूसरे राज्यों के बड़े साइबर ठगों को बेच दिया जाता था।

आरोपी सौरभ रजक से सामान जब्त

बेलबाग थाना पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर कार्रवाई करते हुए आरोपी सौरभ रजक को गिरफ्तार किया है। तलाशी के दौरान आरोपी के कब्जे से 10 एटीएम (ATM) कार्ड (विभिन्न बैंकों के) 20,000 रुपये नगद (ठगी की रकम) एक मोपेड (वारदात में इस्तेमाल की जाने वाली गाड़ी) बरामद किया गया है।

व्हाट्सएप चैट से खुला ठगी का ‘नेटवर्क’

पुलिस ने जब आरोपी सौरभ का मोबाइल फोन खंगाला, तो उसके व्हाट्सएप (WhatsApp) चैट से साइबर ठगी के बेहद अहम सुराग हाथ लगे। आरोपियों ने व्हाट्सएप पर बकायदा एक ग्रुप बना रखा था, जिसके जरिए ठगी का पूरा सिस्टम ऑपरेट किया जा रहा था। इस ग्रुप में सैकड़ों सीधे-साधे लोगों के बैंक डिटेल्स, एटीएम कार्ड और पैन (PAN) कार्ड की जानकारी शेयर की गई थी, जिनका इस्तेमाल फर्जी खाते खोलने के लिए किया जाता था।

गिरोह के दो अन्य साथी भी नामजद

पूछताछ में आरोपी सौरभ ने अपने दो अन्य साथियों के नामों का भी खुलासा किया है, जिन्हें पुलिस ने इस मामले में सह-आरोपी बनाया है। रोहित, नितिन दोनों निवासी मांडवा बस्ती है। ये दोनों आरोपी मुख्य रूप से सौरभ को ठगी की रकम बैंकों में जमा करने और एटीएम के जरिए निकालने के काम पर लगाते थे। फिलहाल पुलिस इन दोनों की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है।

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