दिल्ली के मयूर विहार स्थित सर्वोदय कन्या बाल विद्यालय की कक्षा 7 की छात्रा अवनी की मौत के बाद मामला गंभीर हो गया है। छात्रा के परिवार ने स्कूल प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की है। परिवार का दावा है कि किताब लेकर स्कूल नहीं आने पर बच्ची को कथित तौर पर धूप में खड़ा किया गया, उसके साथ मारपीट की गई और बाद में बाथरूम में बंद कर दिया गया। परिजनों के मुताबिक, किताब स्कूल नहीं लाने को लेकर अवनी को कथित तौर पर सजा दी गई। परिवार का आरोप है कि बच्ची को धूप में खड़ा करने के साथ उसके साथ मारपीट की गई और बाद में उसे बाथरूम में बंद कर दिया गया।

परिवार का कहना है कि इस घटना के बाद बच्ची की तबीयत बिगड़ गई। उसे इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया, जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए शिक्षा निदेशालय ने जांच के आदेश दिए हैं। जांच में परिवार की ओर से लगाए गए आरोपों के साथ-साथ स्कूल में बच्ची के साथ हुई घटनाओं और उसकी तबीयत बिगड़ने के पूरे घटनाक्रम की पड़ताल की जाएगी।

वहीं, दिल्ली पुलिस के मुताबिक, छात्रा को पहले से मिर्गी के दौरे पड़ते थे। पुलिस का कहना है कि 22 अगस्त को स्कूल में अचानक उसकी तबीयत बिगड़ गई थी। पुलिस के अनुसार, उस दौरान छात्रा की हालत इतनी खराब हो गई थी कि वह अपने कपड़ों में ही मल-मूत्र कर बैठी। पुलिस ने शुरुआती जानकारी के आधार पर छात्रा की तबीयत बिगड़ने को उसकी पहले से मौजूद बीमारी से जोड़कर देखा है।

क्या है पूरा मामला?

पुलिस के अनुसार, 22 अगस्त को स्कूल में छात्रा की अचानक तबीयत बिगड़ गई थी। स्कूल की ओर से समय पर परिवार को इसकी सूचना दी गई, जिसके बाद परिजन उसे इलाज के लिए अस्पताल लेकर पहुंचे। छात्रा को अस्पताल में भर्ती कराया गया और इलाज के दौरान उसकी हालत गंभीर बनी रही। पुलिस का कहना है कि छात्रा को पहले से मिर्गी के दौरे पड़ते थे। स्कूल में तबीयत बिगड़ने के दौरान उसकी हालत काफी खराब हो गई थी। हालांकि, छात्रा की मौत के वास्तविक कारण को लेकर अभी जांच की जा रही है।

27 अगस्त को इलाज के दौरान मौत

परिजनों के मुताबिक, अस्पताल में इलाज के दौरान छात्रा की हालत में सुधार नहीं हुआ और 27 अगस्त को उसकी मौत हो गई। छात्रा की मौत के बाद परिवार ने उसी दिन उसका अंतिम संस्कार कर दिया। इसके बाद मामले में नया मोड़ तब आया, जब छात्रा के परिजन 1 सितंबर को शिकायत लेकर थाने पहुंचे। परिवार ने स्कूल में बच्ची के साथ कथित मारपीट और प्रताड़ना का आरोप लगाया और पूरे मामले की जांच कर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।

परिजन 1 सितंबर को शिकायत लेकर पहुंचे

छात्रा की मौत के कुछ दिन बाद 1 सितंबर को परिजन पुलिस थाने पहुंचे और स्कूल में बच्ची के साथ कथित मारपीट व प्रताड़ना को लेकर शिकायत दी। परिवार ने पूरे मामले की जांच कर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। परिवार का आरोप है कि स्कूल में किताब नहीं ले जाने को लेकर अवनी को सजा दी गई थी। आरोपों के मुताबिक, उसे तेज धूप में खड़ा किया गया और उसके साथ मारपीट की गई। परिजनों का यह भी दावा है कि इसके बाद बच्ची को बाथरूम में बंद कर दिया गया। परिवार का कहना है कि इसके बाद उसकी तबीयत बिगड़ती चली गई और उसे अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। हालांकि, परिवार की ओर से लगाए गए इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। इनकी सच्चाई जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।

शिक्षा निदेशालय ने दिए जांच के आदेश

मामले में शिक्षा निदेशालय ने भी जांच के आदेश दिए हैं। जांच के दौरान यह स्पष्ट करने की कोशिश की जाएगी कि 22 अगस्त को स्कूल में छात्रा के साथ वास्तव में क्या हुआ था, उसकी तबीयत बिगड़ने पर स्कूल प्रशासन ने क्या कदम उठाए और परिवार की ओर से लगाए गए आरोपों में कितनी सच्चाई है। फिलहाल छात्रा की मौत को लेकर परिवार के गंभीर आरोप और पुलिस की शुरुआती जानकारी अलग-अलग तस्वीर पेश कर रहे हैं। ऐसे में जांच और उपलब्ध मेडिकल साक्ष्यों के आधार पर ही अवनी की मौत के कारणों और स्कूल में उसके साथ हुई घटनाओं की पूरी सच्चाई सामने आ सकेगी।

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