तृणमूल कांग्रेस (TMC) के महासचिव और लोकसभा सांसद अभिषेक बनर्जी ने पार्टी के 20 बागी सांसदों की अयोग्यता में कथित देरी को लेकर सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है। उन्होंने अपनी याचिका में मांग की है कि दल-बदल विरोधी कानून के तहत इन सांसदों के खिलाफ चल रही अयोग्यता की कार्यवाही को जल्द पूरा किया जाए।
25 अगस्त को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई
अभिषेक बनर्जी की याचिका पर 25 अगस्त 2026 को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होगी। मामले की सुनवाई मुख्य न्यायाधीश सूर्य कांत की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय पीठ करेगी। इस पीठ में जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस वी. मोहना भी शामिल हैं।
याचिका में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के समक्ष लंबित 20 अलग-अलग अयोग्यता याचिकाओं पर जल्द फैसला लेने की मांग की गई है। आरोप है कि संबंधित सांसदों ने TMC छोड़कर NCPI का दामन थामा है।
दल-बदल विरोधी कानून के तहत कार्रवाई की मांग
अभिषेक बनर्जी ने अपनी याचिका में कहा है कि संविधान में निहित दल-बदल विरोधी प्रावधानों के तहत बागी सांसदों के खिलाफ कार्रवाई में अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने लोकसभा अध्यक्ष से भी इन मामलों का जल्द निपटारा करने का अनुरोध किया है। TMC की ओर से इन 20 सांसदों के खिलाफ पहले ही अलग-अलग अयोग्यता याचिकाएं दाखिल की जा चुकी हैं। अब मामले में सुप्रीम कोर्ट के हस्तक्षेप की मांग की गई है।
लोकसभा अध्यक्ष से दो बार संपर्क
इस मुद्दे पर अभिषेक बनर्जी लगातार सक्रिय रहे हैं। उन्होंने 27 जुलाई को लोकसभा अध्यक्ष को पत्र लिखकर लंबित मामलों पर जल्द कार्रवाई की मांग की थी। इसके बाद 12 अगस्त को उन्होंने ओम बिरला से मुलाकात कर मामले को शीघ्र निपटाने का आग्रह किया। अब सभी की नजरें 25 अगस्त की सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई पर हैं, जहां अदालत इस मामले में आगे की दिशा तय कर सकती है।
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