कुरुक्षेत्र। जिले के लाडवा में हिमालयन ग्रुप ऑफ प्रोफेशनल इंस्टीट्यूशंस के चेयरमैन रजनीश बंसल के घर पर हुई ताबड़तोड़ फायरिंग मामले में बड़ा खुलासा हुआ है। पुलिस पूछताछ में मुख्य आरोपी अर्जुन पंडित ने कबूल किया है कि 15-16 अप्रैल की रात वह अपने साथी के साथ अग्रवाल कॉलोनी पहुंचा था। आरोप है कि फायरिंग से पहले उसने करीब 30 हजार रुपए एडवांस लिए थे और वारदात के बाद भी उसे लगातार पैसे पहुंचाए जाते रहे। पुलिस के मुताबिक, कुछ रकम ऑनलाइन ट्रांसफर भी की गई थी।

सीआईए जांच में सामने आया है कि अर्जुन पंडित और नोनी राणा गैंग के बीच फायरिंग को लेकर डील हुई थी। आरोपी को पैसे के साथ हथियार भी मुहैया कराए गए थे। हालांकि यह डील कितनी रकम में हुई, इसकी जांच अभी जारी है। पूछताछ में अर्जुन ने बताया कि वारदात वाली रात पहले घर के अंदर एक पर्ची फेंकी गई, जिस पर अंग्रेजी में “शुभम पंडित, कार्तिक शर्मा, रुद्र बंसल… फिर मिलते हैं” लिखा था। इसके बाद करीब 18 राउंड फायरिंग कर आरोपी मौके से फरार हो गए।

कर्मचारी ओमप्रकाश के अनुसार, जनवरी 2025 में ही रजनीश बंसल को फोन पर रंगदारी की धमकी मिली थी। रकम नहीं मिलने के बाद बदमाश रंजिश रखने लगे थे और दबाव बनाने के लिए घर पर फायरिंग कराई गई। पुलिस जांच में नोनी राणा गैंग का नाम भी सामने आया है।

मामले में सीआईए टीम ने 22 मई को वांटेड आरोपी के पिता घनश्याम तिवारी, भाई दीपक तिवारी और मां को गिरफ्तार किया था। रिमांड के दौरान दीपक से एक देसी पिस्टल और 4 कारतूस बरामद हुए। इससे पहले 18 मई को मुख्य शूटर अर्जुन पंडित निवासी कोसीकला, मथुरा (यूपी) को शॉर्ट एनकाउंटर के बाद गिरफ्तार किया गया था। वहीं, वारदात में इस्तेमाल बाइक और हथियार उपलब्ध कराने के आरोप में विशाल कुमार यादव उर्फ बीडी और अरुणवीर सिंह उर्फ अन्नू को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है। अब पुलिस गैंग के नेटवर्क और फंडिंग की गहराई से जांच कर रही है।