Sriganganagar Hotel Case: श्रीगंगानगर में 13 साल की मासूम बच्ची के साथ हुई दरिंदगी ने पूरे शहर को झकझोर कर रख दिया है। अब प्रशासन और नगर परिषद पूरी तरह एक्शन मोड में है। सुखाड़िया मार्ग से लेकर बीरबल चौक तक, शहर के होटलों में चल रहे काले कारनामों को पकड़ने के लिए सघन चेकिंग अभियान शुरू हो गया है।

होटलों में 5 दिन तक चला दरिंदगी का खेल
एक मासूम बच्ची को 5 दिनों तक अलग-अलग होटलों में बंधक बनाकर रखा गया। सुखाड़िया मार्ग स्थित होटल जॉय इन, बीरबल चौक का होटल ड्रीम इन और मोटर मार्केट का होटल सफायर इन इन जगहों पर वह दरिंदों का शिकार बनती रही। पुलिस की शुरुआती जांच में जो खुलासा हुआ, उसने सबको हिला दिया है। आरोपी होटल संचालक सोशल मीडिया पर बच्ची की फोटो भेजकर उसका सौदा करते थे।
एक घंटे का सौदा, मोटी कमाई
होटल के कमरों का रेट 1500 से 2500 रुपये प्रति घंटा तय था। सोशल मीडिया के जरिए होटल संचालक और मैनेजर अपने खास ग्राहकों को फोटो भेजते थे। सबसे बड़ी लापरवाही यह थी कि इन कमरों में आने वाले लोगों की कोई एंट्री रजिस्टर में नहीं की जाती थी। सब कुछ अंधेरे में चल रहा था।
बुलडोजर की गूंज और प्रशासन की सख्ती
घटना के बाद से ही लोगों में भारी गुस्सा था। प्रशासन ने बीते 01 जुलाई को ही बड़ा कदम उठाया। पुलिस और प्रशासनिक अमले ने एक साथ मिलकर होटल जॉय इन, होटल सफायर और होटल ड्रीम लैंड की अवैध इमारतों को बुलडोजर से जमींदोज कर दिया।
फिलहाल, इस मामले में 20 दरिंदों को सलाखों के पीछे भेजा जा चुका है। नगर परिषद की टीमें अब उन सभी होटलों की फाइलें खंगाल रही हैं जो नियमों को ताक पर रखकर चल रहे थे। एडिशनल एसपी दीपक शर्मा ने साफ चेतावनी दी है कि इस संवेदनशील मामले पर सोशल मीडिया में भ्रामक वीडियो फैलाने वालों को भी नहीं बख्शा जाएगा। अगले एक हफ्ते में जांच रिपोर्ट आने के बाद और भी होटलों पर ताले लग सकते हैं।
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