Agniveer Agnipath Scheme: दिवाली से पहले मोदी सरकार ने अग्निवीरों को बड़ा तोहफा दिया है। मोदी कैबिनट ने अग्निपथ योजना में बड़ा बदलाव करते हुए अग्निवीरों को 2 साल एक्सटेंशन दिया है। अब चार साल बाद नियमित सेना में चयनित नहीं होने वाले 75% अग्निवीर छह साल तक सेवा दे सकेंगे। इसके बाद मूल्यांकन और इच्छा के आधार पर नियमित सेवा का मौका मिलेगा। चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ यानी सीडीएस जनरल एनएस राजा सुब्रमणि (CDS NS Raja Subramani) ने बुधवार को अग्निवीरों की सेवा अवधि दो साल बढ़ाने की जानकारी दी। इस फैसले के बाद अग्निवीरों को चार साल की जगह छह साल तक सेवा करने का मौका मिलेगा। फिलहाल देश की तीनों सेनाओं में करीब 3.18 लाख अग्निवीर सेवा दे रहे हैं।

दिल्ली में फैसले की जानकारी देते हुए चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) जनरल एनएस राजा सुब्रमणि ने महत्वपूर्ण दिन बताया। CDS के मुताबिक दो साल का अतिरिक्त कार्यकाल पूरा होने के बाद सशस्त्र बलों में शामिल होने के इच्छुक अग्निवीरों को नियमित सेना में भर्ती होने का अवसर मिलेगा। हालांकि, इसके लिए वस्तुनिष्ठ चयन मानदंडों को पूरा करना होगा।

चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ ने स्पष्ट किया कि इन दो साल के बाद सभी अग्निवीरों को नियमित सेवा में शामिल होने का मौका दिया जाएगा। यह मौका उनकी इच्छा और सेना के मूल्यांकन दोनों पर निर्भर करेगा। वर्तमान व्यवस्था में चार साल बाद सिर्फ 25 प्रतिशत अग्निवीरों को स्थायी कैडर में रखा जाता है। जबकि बाकी 75 प्रतिशत सेवा निधि लेकर बाहर हो जाते थे। अब इन 75 प्रतिशत को दो साल एक्सटेंशन देने का फैसला लिया है। दो साल पूरे होने के बाद दोबारा मूल्यांकन होगा। जो अग्निवीर तैयार होंगे और जिनका प्रदर्शन संतोषजनक पाया जाएगा उन्हें नियमित रक्षा बल का हिस्सा बनने का अवसर मिलेगा।

राजनाथ सिंह ने पीएम मोदी का धन्यवाद किया

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय कैबिनेट के बैठक में हुए फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि- आज एक ज़रूरी फ़ैसला लेते हुए, PM @narendramodi की अध्यक्षता में यूनियन कैबिनेट ने #Agnipath के तहत अग्निवीरों के लिए दो साल के ‘सेकंड टूर ऑफ़ ड्यूटी’ को मंज़ूरी दी है। मैं अग्निपथ स्कीम के तहत अग्निवीरों के लिए अतिरिक्त 2 साल के ‘सेकंड टूर ऑफ़ ड्यूटी’ का फ़ैसला लेने के लिए PM मोदी को दिल से धन्यवाद देता हूँ। इससे उन सभी इच्छुक अग्निवीरों को 4/6 साल के कार्यकाल के बाद रेगुलर सैनिकों के रूप में एनरोलमेंट भी मिलेगा, जो सिलेक्शन क्राइटेरिया को पूरा करते हैं।

रक्षा मंत्री ने आगे कहा कि- यह फ़ैसला हमारे डिफ़ेंस फ़ोर्स के लॉन्ग-टर्म स्ट्रक्चरल सुधारों को जारी रखना है, जिसका मकसद एक युवा, ज़्यादा फिट, टेक्नोलॉजी से लैस और भविष्य के लिए तैयार मिलिट्री बनाना है। यह सिर्फ़ एक रिक्रूटमेंट पॉलिसी नहीं है; यह युद्ध के बदलते स्वरूप के लिए भारत की मिलिट्री को तैयार करने का एक तरीका है।

अभी क्या है अग्निपथ योजना का नियम

केंद्र सरकार ने 14 जून 2022 को अग्निपथ योजना की शुरुआत की थी। इसके तहत थल सेना, नौसेना और वायुसेना में अग्निवीरों की भर्ती चार साल के लिए की जाती है। प्रशिक्षण का समय भी इसी चार साल की अवधि में शामिल होता है। मौजूदा नियमों के मुताबिक, चार साल की सेवा पूरी होने के बाद अधिकतम 25 प्रतिशत अग्निवीरों को नियमित कैडर में शामिल किया जा सकता है। इनका चयन प्रदर्शन, पात्रता और संबंधित सेना की जरूरतों के आधार पर होता है। बाकी अग्निवीरों को सेवा से मुक्त कर दिया जाता है। चार साल की सेवा पूरी करने वाले अग्निवीरों को करीब 11.71 लाख रुपये का सेवा निधि पैकेज दिया जाता है।

दिसंबर तक 18,300 अग्निवीरों का कार्यकाल पूरा

आंकड़ों के मुताबिक, 31 दिसंबर तक पहले बैच के करीब 18,300 अग्निवीरों का चार साल का कार्यकाल पूरा होने वाला है। ये पहले बैच में भर्ती हुए 24,400 अग्निवीरों का करीब 75% हैं। पहले तय योजना के मुताबिक, नवंबर के मध्य से 75% अग्निवीरों को चरणबद्ध तरीके से सेवा से बाहर किया जाना था। नई व्यवस्था के तहत अब इन्हें दो साल का अतिरिक्त समय मिलेगा। यह सेवा विस्तार अग्निवीरों की सहमति से होगा।

SIR पर चुनाव आयोग में फूट! 10 महीने में 14 बार दो चुनाव आयुक्तों ने फैसलों पर जताई नाराजगी, जानकारी के बिना निर्णय लेने का लगाया आरोप

Follow the LALLURAM.COM MP channel on WhatsApp
https://whatsapp.com/channel/0029Va6fzuULSmbeNxuA9j0m